नागपुर 17वां एग्रोविजन 2026 नितिन गडकरी सोर्स: सोशल मीडिया
नागपुर

नागपुर में 27 नवंबर से एग्रोविजन, विदर्भ को सूखामुक्त बनाने दलगत राजनीति से उठें ऊपर; नितिन गडकरी का आह्वान

Nagpur 17th Agrovision 2026 Nitin Gadkari:गडकरी ने विदर्भ को सूखामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। नागपुर में 27 से 30 नवंबर तक 17वां एग्रोविजन, जल संरक्षण और आधुनिक खेती पर रहेगा फोकस।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विदर्भ को सूखामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

  • 17वां एग्रोविजन 27 से 30 नवंबर तक नागपुर में आयोजित होगा।

  • जल संरक्षण, जल प्रबंधन और कम पानी में खेती पर रहेगा विशेष फोकस।

  • किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।

  • कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा, संकट के समय किसानों के साथ खड़ी है राज्य सरकार।

Nagpur Drought Free Vidarbha Agrovision Agricultural Exhibition: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विदर्भ को सूखामुक्त बनाने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। नागपुर में 27 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले 17वें एग्रोविजन में जल संरक्षण, कम पानी में खेती और आधुनिक कृषि तकनीक पर विशेष जोर दिया जाएगा।

विदर्भ को सूखामुक्त बनाने एकजुट हों, दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा: गडकरी

नागपुर, विदर्भ को सूखामुक्त बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जल संरक्षण, पानी के सुनियोजित उपयोग और खेती की बेहतर योजना पर काम करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री एवं एग्रोविजन के मुख्य प्रेरक नितिन गडकरी ने यह आह्वान किया।

नागपुर में 27 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले 17वें एग्रोविजन की तैयारियों के लिए आयोजित आयोजन समिति की बैठक को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि विदर्भ में सूखे की समस्या बड़ी जरूर है, लेकिन सामूहिक प्रयासों, उचित नियोजन और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग से इस चुनौती का सामना किया जा सकता है।

27 नवंबर से शुरू होगा 17वां एग्रोविजन

मध्य भारत की प्रमुख कृषि प्रदर्शनियों में शामिल एग्रोविजन का आयोजन इस वर्ष 27 से 30 नवंबर तक नागपुर में किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप नई तकनीक, बेहतर खेती पद्धतियों और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

गडकरी ने कहा कि किसानों का मनोबल बढ़ाने और सूखे की समस्या से निपटने के उपायों की जानकारी देना एग्रोविजन का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

जल संरक्षण और कम पानी वाली फसलों पर जोर

गडकरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बारिश की अनिश्चितता के कारण कृषि क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में जल संरक्षण, जल संवर्धन, पानी का मितव्ययी उपयोग और उपयुक्त फसलों का चयन महत्वपूर्ण हो गया है।

उन्होंने जोर दिया कि सूखे की स्थिति में उपयोगी फसल पद्धतियों को अपनाने और उपलब्ध पानी का सही नियोजन करने से किसानों को संकट का सामना करने में मदद मिल सकती है। एग्रोविजन में कम पानी में खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और विभिन्न फसलों से जुड़े विषयों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: जायसवाल

बैठक में कृषि राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने सूखे की स्थिति में कृषि विभाग की योजनाओं और किसानों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किसानों को खेती की योजना बनानी चाहिए। संकट के समय आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।

कृषि विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

एग्रोविजन के अध्यक्ष रवि बोरटकर ने बैठक की शुरुआत में प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि सचिव डॉ. सी.डी. मायी ने इस वर्ष आयोजित होने वाली प्रमुख कृषि कार्यशालाओं की जानकारी दी। इन कार्यशालाओं में विभिन्न फसलों, आधुनिक तकनीकों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।

बैठक में गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. शरद गडाख, सांसद माया इवनाते, विधायक डॉ. प्रवीण पोटे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र के पदाधिकारी और किसान उपस्थित थे।

सामूहिक प्रयासों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, किसानों को समृद्ध बनाना और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना सभी का साझा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे किसानों, खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए एक मंच पर आएं।

उन्होंने विश्वास जताया कि जल संरक्षण, बेहतर जल प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विदर्भ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

पंजाब में पति ने पत्नी का बदला धर्म, छाती पर गर्लफ्रेंड का टैटू; पहले हिंदू रीति-रिवाज से की शादी

UN में भारत की पाकिस्तान को दो टूक, कहा- प्रोपेगैंडा बंद करो, PoK खाली करो; हिंदुओं के अधिकारों पर भी घेरा

SIR में इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर का डिटेल देने से इंकार, EC ने कहा आरटीआई के दायरे से बाहर

JNU के दीवारों पर लिखा- ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ और ‘फ्री उमर खालिद’, ABVP ने AISA के खिलाफ खोला मोर्चा

भारत के इरादे ठीक नहीं...पाकिस्तान ने जिंदा रखा, कश्मीर को लेकर फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान, भाजपा ने घेरा