Nagpur MLC Election: विधान परिषद की नागपुर स्थानीय निकाय सीट उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हुआ। भाजपा, कांग्रेस सहित सभी दलों के नगरसेवकों ने उत्साहपूर्ण माहौल में वोटिंग की। मतदाताओं के संख्याबल के आधार पर जहां भाजपा को जीत का विश्वास है, वहीं कांग्रेस भी चुनाव को निर्विरोध नहीं होने देने के लिए संतुष्ट नजर आ रही है। इस चुनाव में कुल 836 मतदाता थे। इनमें से 823 ने अपने हक का उपयोग किया।
मैदान में भाजपा महायुति के उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार और कांग्रेस-महाआघाड़ी के उम्मीदवार अतुल लोंढे थे। दोनों की किस्मत अब मतपेटी में बंद हो गई है। मतदान के लिए प्रशासन ने कुल 14 मतदान केंद्र बनाए थे। नागपुर शहर के 11 तथा उमरेड और कामठी क्षेत्र के 1-1 सदस्य सहित कुल 13 मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। सभी केन्द्रों में पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त लगाया गया था। 22 जून को मतगणना होगी। मतपेटियों को सुरक्षित रखने के लिए कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में स्ट्रांग रूम बनाया गया है।
भाजपा ने अपने सभी नगरसेवकों को 4-5 दिन पूर्व ही गोवा सहित अन्य पर्यटन स्थलों की सैर पर भेज दिया था। वोटिंग के एक दिन पूर्व 17 जून को सभी नागपुर वापस लौटे। उन्हें होटल रेडिसन ब्लू में रखा गया था। जिले के मतदाताओं को अलग-अलग रिसॉर्ट में रखा गया था ताकि क्रॉस वोटिंग के प्रयासों को विफल किया जा सके। भाजपा के सभी वोटर्स 12 बजे मतदान केन्द्र पर लाए गए। सुबह-सुबह ही पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले व अन्य वरिष्ठ नेता होटल पहुंच गए थे। वहां रणनीतिक बैठक हुई जिसमें नगरसेवकों से अपने उम्मीदवार को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाने की अपील उन्होंने की। सभी को 3 बसों से तहसील कार्यालय स्थित मतदान केन्द्र पर लाया गया।
मतदान केंद्रों से निर्धारित दूरी पर सामान्य चुनावों जैसी भीड़ भले ही दिखाई नहीं दी, लेकिन महायुति और महाआघाड़ी के स्थानीय नेता तथा प्रमुख पदाधिकारी पूरे समय सक्रिय रहे। तहसील कार्यालय के समीप दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। पूरे परिसर में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। कांग्रेस के नगरसेवक पेंच स्थित एकार्ड रिसॉर्ट से सुबह ही सिविल लाइंस स्थित हेरिटेज होटल लाए गए थे। विधायक विकास ठाकरे, अभिजीत वंजारी तथा शहर अध्यक्ष प्रफुल गुडधे सहित अन्य नेताओं ने मतदाताओं को सतर्क रहने की सलाह दी। होटल से सुबह लगभग 11 बजे कांग्रेस नगरसेवको का दल मतदान केंद्र के लिए रवाना हुआ। सभी सदस्य एक ही बस में पहुंचे और उन्होंने पहले मतदान किया। इसके बाद करीब 12 बजे भाजपा नगरसेवकों की 3 बसें मतदान केंद्र पहुंचीं।
मनपा चुनाव में जीत के बाद राज्यसभा पहुंची सांसद माया इवनाते ने सुबह सबसे पहले पहुंचकर नगरसेवक के रूप में अपना मतदान किया। इसके अलावा पिंटू झलके, बंडू राऊत और विक्की कुकरेजा सहित कुछ अन्य सदस्य स्वतंत्र रूप से मतदान केंद्र पहुंचे। महापौर नीता ठाकरे व अन्य सभापति अपने वाहनों में वोट डालने पहुंचे थे। MIM। मुस्लिम लीग, बसपा तटस्थ इस चुनाव में एमआईएम, मुस्लिम लीग व बसपा के नगरसेवकों ने खुद को अलग रखा। एमआईएम से 6, मुस्लिम लीग के 4 और बसपा के 1। ऐसे कुल 11 नगरसेवकों ने चुनाव में वोटिंग नहीं की।
नागपुर जिले के उमरेड व कामठी के 1-1 नगरसेवक वोट नहीं कर पाये। कामठी में कांग्रेस के नगरसेवक अनिल सूर्यवंशी की पत्नी की तबीयत अधिक खराब होने के कारण वे मतदान केन्द्र नहीं पहुंच पाये, वहीं उमरेड मतदान केन्द्र में भिवापुर नगर पंचायत की सदस्या भाग्यश्री गजभिये वोट से वंचित रह गई। वोटिंग का समय 4 बजे तक था। वे केन्द्र में 4.2 बजे पहुंचीं। 2 मिनट की देरी के चलते उन्हें अपने अधिकार से वंचित रहना पड़ा।
''कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुनील केदार ने कहा कि भाजपा को निर्विरोध जीतने नहीं देना ही उनकी प्राथमिकता है और यह चुनाव विचारधारा की लड़ाई है।'' ''वहीं नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि भाजपा-महायुति का संख्याबल कांग्रेस से कहीं अधिक है और राज्य की सभी 11 सीटों पर महायुति उम्मीदवारों की जीत तय है।''
लोंढे कांग्रेस उम्मीदवार अतुल लोंढे ने सवाल किया कि भाजपा को अपने नगरसेवकों को देशभर में पर्यटन के लिए भेजने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी पैसे बांटे हैं। क्रॉस वोटिंग की संभावना को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया कि कांग्रेस में पूर्ण एकता है और सभी मतदाता पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
पोतदार भाजपा उम्मीदवार राजीव पोतदार ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त और मजबूत संख्याबल है। इसलिए हमारी बड़ी जीत निश्चित है। हमारे पक्ष में 582 मतदाता है। जिले के सभी नगरसेवकों ने हमें अच्छा प्रतिसाद दिया है। इस समर्थन को देखते हुए हमें 650 से अधिक मत प्राप्त होंगे।