Maharashtra MLC Election: महायुति का प्रचंड क्लीन स्वीप! 12 में से 9 सीटों पर भाजपा की बढ़त, बैकफुट पर विपक्ष

Maharashtra Vidhan Parishad Results: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति का क्लीन स्वीप अनूमानित है। 12 सीटों में से भाजपा 9 पर आगे, शिंदे सेना की दहाड़। जानें किस सीट पर कौन मार रहा है बाजी।
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महाराष्ट्र विधान परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Vidhan Parishad Mahayuti Clean Sweep: महाराष्ट्र की सियासत में ऑपरेशन टाइगर और दल-बदल के शोर के बीच अब विधान परिषद चुनावों के अनुमानित नतीजों ने खलबली मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र की 12 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में महायुति (भाजपा, शिंदे सेना और अजित पवार गुट) एकतरफा जीत दर्ज करती दिख रही है। ये अनुमानित नतीजे विपक्षी महाविकास अघाड़ी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं।

रिकॉर्ड मतदान और महायुति का दबदबा

12 सीटों के लिए हुए इस मतदान में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। नासिक, नांदेड़ और भंडारा-गोंदिया जैसे क्षेत्रों में तो 100 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि सोलापुर और जलगाव में भी आंकड़ा लगभग पूर्ण रहा। इस भारी मतदान के बाद अनुमान हैं कि महायुति का सूपड़ा साफ फॉर्मूला काम कर गया है और 12 में से अधिकांश सीटों पर उनका कब्जा तय माना जा रहा है।

भाजपा का 'डोमेन एक्सपेंशन': 9 सीटों पर प्रचंड बढ़त

अनुमान है कि भाजपा अकेले 9 सीटों पर विजय का झंडा फहराती दिख रही है। जिन क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, उनमें अमरावती, नागपुर, संभाजीनगर-जालना, धाराशिव-लातूर-बीड, और सांगली-सातारा जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। नागपुर में राजीव पोतदार और धाराशिव-लातूर-बीड में बसवराज पाटील अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल चुके हैं। सांगली-सातारा में धैर्यशील कदम और सोलापुर में राजेंद्र राउत को भी स्पष्ट बढ़त मिलने का अनुमान है।

शिंदे सेना की भी दहाड़

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी अपनी ताकत बरकरार रखने में सफल रही है। अनुमान है कि नासिक में नरेंद्र दराडे और परभणी-हिंगोली में सईद खान अपनी सीटों पर मजबूती से जीत की ओर बढ़ रहे हैं। इसका मतलब है कि ऑपरेशन टाइगर के बीच शिंदे सेना न केवल अपने संगठन को बचा रही है, बल्कि चुनावी मैदान में भी जीत हासिल कर रही है।

विपक्ष के लिए खतरे की घंटी

कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी के लिए ये नतीजे आत्मचिंतन का विषय हैं। कई निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी उम्मीदवारों को अपेक्षित वोट नहीं मिल पाए हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या स्थानीय निकायों का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुका है?

निर्विरोध चुने गए दिग्गज

यह भी ध्यान देने योग्य है कि कुछ सीटों पर फैसला पहले ही हो चुका है, जहाँ उम्मीदवार बिनविरोध चुने गए हैं:

  • ठाणे और यवतमाल से शिवसेना के रवींद्र फाटक और दुष्यंत चतुर्वेदी।
  • पुणे और रायगड-रत्नागिरी से एनसीपी के विक्रम काकडे और अनिकेत तटकरे।
  • वर्धा और अहिल्यानगर से भाजपा के अरुण लखाणी और प्राजक्त तनपुरे।

क्या नतीजे बदलेंगे?

जब तक अंतिम आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक किसी भी अनुमान के आधार पर निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन फिलहाल महायुति के खेमे में जश्न का माहौल है। यदि ये आंकड़े 20 जून को आने वाले नतीजों में तब्दील होते हैं, तो इसका सीधा असर आने वाले नगरपालिका और जिला परिषद चुनावों पर पड़ेगा। महाराष्ट्र की जनता अब बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रही है जब यह साफ होगा कि असली 'टाइगर' कौन है।

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