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नागपुर

मरीज संभालें या नॉलेज बढ़ाएँ? नागपुर में 150 क्रेडिट पॉइंट की शर्त से नर्सें परेशान, 2027 बाद लाइसेंस संकट

Nurse License Renewal: महाराष्ट्र में नर्सों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 150 क्रेडिट पॉइंट की शर्त मुसीबत बनी। संगठनों ने सीएनई के नाम पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए निःशुल्क प्रशिक्षण की मांग की है।

रूपम सिंह

Maharashtra Nursing Council Registration: महाराष्ट्र परिचर्या परिषद के नियमों के तहत परिचारिकाओं (नसों) को अपने पंजीकरण (लाइसेंस) के नवीनीकरण के लिए पांच वर्षों में 150 'क्रेडिट पॉइंट' अर्जित करना अनिवार्य किया गया है। चार वर्ष बीत चुके हैं और 2027 में नवीनीकरण की समयसीमा समाप्त होने वाली है। ऐसे में बचे हुए सीमित समय में 150 क्रेडिट पॉइंट जुटाना अधिकांश नसों के लिए नई मुसीबत बन गई है।

इस व्यवस्था को लेकर राज्य भर में असंतोष उभर रहा है। कंटिन्यू नर्सिंग एजूकेशन (सीएनई) के नाम पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया जा रहा है जिससे नर्सों के बीच भय और अनिश्चितता का वातावरण बन गया है।

राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में 3 लाख से अधिक नर्से कार्यरत हैं। परिषद का उद्देश्य नर्सों का ज्ञान अद्यतन रखना है, जिसका विरोध किसी को नहीं है। हालांकि संगठनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल प्रशासन और परिषद के संयुक्त तत्वावधान में प्रत्येक अस्पताल में निःशुल्क कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए।

 2027 के बाद संकट के बादल

नागपुर परिषद ने सीएनई कार्यशालाओं की जिम्मेदारी कुछ संगठनों को सौंप दी है, जो ऑफलाइन प्रशिक्षण के लिए शुल्क वसूल रहे हैं। राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ ने इसे सेवा क्षेत्र का 'बाजारीकरण' करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन का दावा है कि कई स्थानों पर प्रति कार्यशाला 500 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है।

कई नर्सों का कहना है कि ऑनलाइन सीएनई पूरा करने के बावजूद उनके क्रेडिट पॉइंट प्रणाली में दर्ज नहीं हुए। वहीं यदि किसी अस्पताल की कई नर्सों एक साथ प्रशिक्षण में जाती हैं तो मरीजों की सेवा प्रभावित होती है। ऐसे में क्रेडिट पॉइंट जुटाने की प्रक्रिया नसों के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव का कारण बनती जा रही है।

संगठन के अनुसार, एक वर्ष में न्यूनतम 30 और अधिकतम 60 क्रेडिट पॉइंट ही अर्जित किए जा सकते हैं। इस सीमा के कारण 2027 तक अधिकतम 120 पॉइंट ही संभव है। अनुमान है कि लगभग 90 प्रतिशत नर्से 150 पॉइंट का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगी, जिससे 2027 के बाद उनके कानूनी रूप से कार्य करने पर संकट खड़ा हो सकता है।

शासन से हस्तक्षेप की मांग

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम बोबडे ने बताया कि भारतीय परिचर्या परिषद ने सीएनई प्रशिक्षण निःशुल्क रखने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर शुल्क वसूली की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञान अद्यतन करने का विरोध नहीं है,

परंतु पंजीकरण नवीनीकरण के लिए क्रेडिट पॉइंट की अनिवार्यता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन से 'कर्मयोगी एप' की तर्ज पर एक पारदर्शी और विश्वसनीय ऑनलाइन सीएनई प्रणाली विकसित करने की मांग की, ताकि नर्सों को आर्थिक और मानसिक राहत मिल सके।

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