नागपुर, मनपा, अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर, सड़क परियोजना,(डिजाइन फोटो सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

बार-बार सड़कें खोदने की झंझट से मिलेगी मुक्ति: नागपुर मनपा बनाएगी 38 किमी लंबा अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर

Nagpur NMC Road Project: नागपुर मनपा नई सड़कों पर फुटपाथों के नीचे अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर बनाएगी। इससे केबल और पाइपलाइन के लिए बार-बार सड़क खोदने की समस्या खत्म करने की तैयारी है।

अंकिता पटेल

Nagpur NMC Underground Utility Corridor: नागपुर महानगरपालिका ने शहर की नवनिर्मित सड़कों को बार-बार केबल और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे जाने की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक अहम योजना बनाई है। मनपा आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर की इस योजना के तहत नई सड़कों पर फुटपाथों के नीचे समर्पित अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

मनपा आयुक्त द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को सबसे पहले दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। 254।99 करोड़ के सड़क नवीनीकरण प्रोजेक्ट के तहत करीब 38 किलोमीटर लंबी सड़कों पर इस मॉडल को आजमाया जाएगा। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो मनपा इसे शहर के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी।

कॉरिडोर की खासियत और सुविधाएं

अधिकारियों के अनुसार सड़कों के दोनों और फुटपाथों के नीचे यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे। इन डक्ट्स के अंदर पानी की पाइपलाइन, बिजली के केबल, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।

इसके अलावा भविष्य में घरों तक पहुंचने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस पाइपलाइनों के लिए भी इसमें पहले से ही जगह छोड़ी जाएगी। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इन कॉरिडोर में विशेष चैंबर बने होंगे। इन चैंबर्स के जरिए यूटिलिटी एजेंसियां सड़क को खोदे बिना ही भूमिगत सेवाओं की मरम्मत कर सकेंगी या नए कनेक्शन दे सकेंगी।

खुदाई से मिलेगी मुक्ति और GIS डिजिटल मैपिंग

शहर लंबे समय से लगातार होने वाली सड़क खुदाई से परेशान रहा है, जहा अक्सर नई बनी सड़कों को कुछ ही महीनों बाद सीवर, पानी, बिजली या इंटरनेट लाइन बिछाने के लिए खोद दिया जाता था।

इससे न केवल सड़क की सतह खराब होती थी, बल्कि मेंटेनेंस का खर्च बढ़ता था और ट्रैफिक में भी भारी रुकावट आती थी, यह नया प्रस्ताव मनपा आयुक्त इटनकर के उस बड़े विजन का भी हिस्सा है, जिसमें शहर के अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर का एक GIS-आधारित डिजिटल मैप तैयार किया जाना है। इससे विभिन्न विभागों को भूमिगत सेवाओं की सटीक लोकेशन मिलेगी और वे अपने काम में बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगे,

रेन वाटर हार्वेस्टिंग से भूजल स्तर सुधारने की पहल

इस सड़क डिजाइन को पर्यावरण के अनुकूल भी बनाया गया है। इसमें समानांतर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग रिचार्ज पिट भी शामिल किए गए है। ये रिचार्ज पिट 300 मिलीमीटर के बोरवेल से जुड़े होंगे, बारिश का पानी सीधे जमीन में जाने के बजाय ग्राउंडवॉटर में प्रवेश करने से पहले एक फिल्ट्रेशन मीडिया से होकर गुजरेगा, जिससे भूजल स्तर सुरक्षित रूप से रिचार्ज हो सकेगा।

अधिकारियों का मानना है कि इस एकीकृत और आधुनिक डिजाइन से भविष्य में सड़क मरम्मत की लागत में भारी कमी आएगी, यूटिलिटी एजेंसियों के बीच तालमेल में सुधार होगा और सबसे महत्वपूर्ण बात शहर की सड़कों का जीवनकाल बढ़ेगा।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • फुटपाथों के नीचे समर्पित यूटिलिटी डक्ट।
  • भविष्य की हाउस-टू-हाउस गैस पाइपलाइनों के लिए विशेष प्रावधान।
  • पानी, बिजली और टेलीकॉम लाइनों के लिए जगह।
  • समानांतर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और 300 मिमी बोरवेल से जुड़े रेन वाटर रिचार्ज पिट।
  • काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट और लैब टेस्टिंग के प्रावधान।

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