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सूखाग्रस्त क्षेत्रों के पात्र विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले ही शुल्क वसूलने वाले कॉलेजों को राशि तत्काल लौटानी होगी।
निर्देशों का उल्लंघन करने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच राज्य के विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे।
Higher Education Department Maharashtra: महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक राहत देने के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यदि किसी विद्यार्थी से पहले ही शुल्क वसूल किया गया है, तो उसे तत्काल वापस करना होगा। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क वसूलने पर संबंधित महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश उच्ब एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दिए। मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में मंत्री पाटिल की अध्यक्षता में राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई।
इसमें सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस, पेपर लीक रोकने के उपाय, परिणामों में एकरूपता, शैक्षणिक समय सारिणी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन और विद्यार्थी चुनावों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच महाराष्ट्र राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे। इस दौरान में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था, विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं तथा छात्रावासों की स्थिति का जायजा लेगे, एक दिन विश्वविद्यालय के कामकाज की समीक्षा होगी।
इसके बाद मंत्री रात में विद्यार्थियों के साथ छरत्रावास में ठहरेंगे और आवास व्यवस्था, भोजन, स्वच्छता, पेयजल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे, राज्य के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी चुनावों की प्रक्रिया दिवाली के बाद आगे बढ़ाने पर बैठक में चर्चा हुई, अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी चुनाव किस पद्धति से कराए जा सकते हैं, इस पर विचार-विमर्श कर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन सभी महाविद्यालय विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क न ले। इसमे इंजीनियरिंग, कला और अन्य महाविद्यालय शामिल है।
उन्होंने उपकुलपतियों और अधिकारियों की निर्देश दिया कि जिन विद्यार्थियों से पहले ही परीक्षा शुल्क लिया जा चुका है, उन्हें राशि तत्काल वापस की जाए। विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों को निर्णय का पूरा लाभ मिले।