Nagpur Gas Cylinder Rate: नागपुर ईरान-अमेरिका और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर साफ दिखने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का बजट बिगाड़ दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम 20% से 50% तक बढ़ सकते हैं जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों ने कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पहले से गैस की कमी झेल रहे ढाबा संचालक और होटल मालिक अब बढ़ती कीमतों के कारण दोहरी मार झेल रहे हैं, उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। पहले ही सिलेंडरों के आपूर्ति सुचारु नहीं होने से कामठी रोड के 40 से अधिक ढाबे और होटलें बंद हो गई हैं।
2,255 से 3,248 तक पहुंची कीमत ढाबा संचालकों के मुताबिक पहले जी कमर्शियल सिलेंडर करीब 2,255 रुपये में मिलता था अब उसकी कीमत करीब 3,248 रुपये तक पहुंच गई है।
3 माह में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इस तरह से हो रही बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। गैस की कमी व महंगाई के कारण कई जगहों पर मेन्यू सीमित कर दिया गया है जिससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
संचालकों का कहना है कि अगर गैस की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं तो उन्हें खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने होंगे। आने वाले दिनों में फूड आइटम्स 20%-50% तक महंगे हो सकते हैं। इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
ढाबा चलाने वाले शंकर भट बताते हैं कि हमें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे। बुकिंग के बाद 15 से 20 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। अब कीमतें भी बढ़ गई हैं। ऐसे में ढाबा चलाना मुश्किल हो गया है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो बंद करने की नौबत आ सकती है।
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सरकार को इस समय गैस के दाम कम करने चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो छोटे कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएंगे। मजबूरी में खाने के दाम बढ़ाने होंगे जिससे ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा, वहीं गैस नहीं मिलने के कारण हमें चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।