इंडस्ट्रियल डीजल से उद्योगों को झटका (AI Generated Image) 
नागपुर

मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी! ₹117 प्रति लीटर हुआ इंडस्ट्रियल डीजल, आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा असर

Industrial Diesel Price Hike: इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में ₹27 की भारी बढ़ोतरी! ₹90 से उछलकर ₹117 पर पहुंची कीमत। नागपुर के उद्योगों में हड़कंप, बढ़ सकती है महंगाई और बेरोजगारी।

प्रिया जैस

Manufacturing Cost Increase India: बढ़ती ऊर्जा लागत ने उद्योगों की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही एलपीजी की कमी से जूझ रहे उद्योगों को अब महंगे इंडस्ट्रियल डीजल ने नया झटका दिया है। उत्पादन लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कई उद्योगों पर इसका जबरदस्त असर पड़ेगा। इंडस्ट्रियल डीजल पम्पों पर न आते हुए सीधे इंडस्ट्रीज तक पहुंचता था, जो कि रिटेल आउटलेट के मुकाबले 10 रुपये सस्ता रहता था, लेकिन सरकार ने अब इसे बढ़ाकर उद्योगों की परेशानी बढ़ा दी है।

ऑयल कंपनी ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 90 रुपये से बढ़ाकर 117 रुपये प्रति लीटर कर दी है। यानी एक झटके में करीब 27 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हो गई। कंपनियां इसके पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को वजह बता रही हैं।

  • 117 रुपये प्रति लीटर पर पहुंची कीमत
  • 90 रुपये चल रही थी कीमत

यह बढ़ोतरी सीधे उद्योग, ट्रांसपोर्ट और बिजली उत्पादन लागत को प्रभावित करेगी, जिसका असर आगे चलकर आम आदमी तक भी पहुंच सकता है। इसका सबसे बड़ा असर उन फैक्ट्रियों और उद्योगों पर पड़ेगा जो भारी मशीनों के लिए भारी मात्रा में ईंधन खरीदती हैं।

ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सप्लाई चेन हो सकती है प्रभावित

इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट महंगा हो सकता है। इससे बड़ी मात्रा में माल की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। उद्योग संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण व्यवसाय चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उनकी मांग है कि सरकार ऊर्जा लागत पर राहत देने के लिए टैक्स में कटौती या सब्सिडी जैसे कदम उठाए। यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो इसका असर महंगाई पर भी पड़ेगा और आम उपभोक्ताओं को महंगे उत्पादों का सामना करना पड़ सकता है। एलपीजी के बाद डीजल की महंगाई ने उद्योगों के लिए काफी अधिक चुनौती और बढ़ा दी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर उत्पादन, रोजगार और बाजार की स्थिरता पर पड़ सकता है।

और अधिक बढ़ेंगी दिक्कतें

पहले ही एलपीजी के संकट से उद्योजक परेशान चल रहे हैं। अब ऊपर से इंडस्ट्रीयल डीजल को महंगा करके सरकार ने दोहरा झटका दे दिया है। इससे लागत पर तो असर पड़ेगा, साथ ही उत्पादन भी काफी अधिक घट जायेगा। ऐसे में छोटे उद्योगों पर ताले लग जायेंगे। बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

  • पी. मोहन, एमआईए

2.09 पैसा बढ़ा प्रीमियम

प्रीमियम पेट्रोल भराने वालों को भी तगड़ा झटका लगा है। तीनों कंपनियों की बढ़ीं दरें अलग-अलग हैं। इसमें इंडियन ऑयल का प्रीमियम पेट्रोल पहले जहां 110.98 रुपये था, वह बढ़कर 113,07 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। इसी तरह बीपीसीएल का प्रीमियम 111.02 रुपये से बढ़कर 113.11 रुपये प्रति लीटर और एचपीसीएल का प्रीमियम 111.63 से बढ़कर 113.72 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।

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