हाई कोर्ट (सोर्स - सोशल मीडिया) 
नागपुर

जीएसटी अधिकारी हर्षल पालखे को हाई कोर्ट से ट्रांजिट अग्रिम जमानत, पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

Nagpur High Court: हाई कोर्ट ने कोल्हापुर में दर्ज आत्महत्या मामले के आरोपी और नागपुर में कार्यरत राज्य कर निरीक्षक हर्षल पालखे को 8 जून 2026 तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (ट्रांजिट बेल) दिया है।

रूपम सिंह

Nagpur Bench of the Bombay High Court Justice Raj Wakode: अदालती दस्तावेजों के अनुसार मृतका ऋतुजा की शादी याचिकाकर्ता हर्षल के भाई विशाल पालखे से हुई थी। ऋतुजा के पिता ने कोल्हापुर जिले के हातकणंगले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 108, 85 और 80 (सहपठित धारा 3(5)) के तहत दर्ज किया गया है। इसमें जमानत के लिए हर्षल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 8 जून 2026 तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है, ताकि वे संबंधित क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकें। हर्षल पर अपने भाई की पत्नी को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। हाई कोर्ट ने कोल्हापुर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग में तैनात राज्य कर निरीक्षक हर्षल पालखे को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दे दी है।

दबाव के चलते आत्महत्या का कदम

एफआईआर में हर्षल पालखे पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मृतका ऋतुजा को नौकरी करने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से रोका था। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी प्रतिबंध और दबाव के चलते ऋतुजा ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया। हर्षल एक सरकारी अधिकारी हैं और हाल ही में पदोन्नति के बाद वे नागपुर के धरमपेठ स्थित 'वनामती' प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग ले रहे हैं।

हर्षल के वकील ने अदालत को बताया कि एफआईआर में हर्षल के खिलाफ केवल नौकरी और मोबाइल फोन से रोकने का ही आरोप लगाया गया है। चूंकि अपराध कोल्हापुर में दर्ज है जो नागपुर सत्र न्यायालय या इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, इसलिए उनके वकील ने कोल्हापुर के सक्षम सत्र न्यायालय में जाने के लिए 'ट्रांजिट बेल' की मांग की। पुलिस लगातार हर्षल को थाने में पेश होने के लिए कह रही थी जिससे उन्हें अपनी गिरफ्तारी की आशंका थी।

8 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा आदेश

दोनों पक्षों की दलीलों के बाद न्यायालय राज वाकोडे ने याचिकाकर्ता अधिकारी को फौरी राहत प्रदान की। अदालत ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में हर्षल पालखे को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानतदार को पेश करने पर तदर्थ-अंतरिम अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम जमानत 8 जून 2026 तक ही प्रभावी रहेगी। इस बीच आरोपी को इस मामले में अग्रिम जमानत पाने के लिए कोल्हापुर जिले के सक्षम सत्र न्यायालय का रुख करना होगा।

पश्चिम रेलवे के 738 रूट किमी पर चालू हुआ कवच, 5,228 किमी रेल नेटवर्क को सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य

परविंदर झोटा मर्डर केस में SHO बेअंत कौर सस्पेंड; कहीं बाजार बंद, कहीं चक्काजाम, टोल प्लाजा पर प्रदर्शन- VIDEO

एपीजे अब्दुल कलाम जयंती: एक रैंक से टूटा था पायलट बनने का सपना, 74 साल की उम्र में पुणे के आसमान में किया पूरा

Punjab Bandh: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जगह चक्का जाम, फूंका भगवंत मान का पुतला

CJP की तिरंगा यात्रा से पहले अलर्ट! पुलिस कमिश्नर ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई, आगे की रणनीति पर मंथन