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नागपुर के गोधनी जलशुद्धीकरण केंद्र में क्लोरीन गैस रिसाव मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज।
आरोपियों में ठेकेदार मोहन आनंद और पार्श्व एसोसिएट्स के मालिक राजकुमार ताटेड शामिल।
घटना 24 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुई थी।
गैस के प्रभाव से कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कुछ मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
Godhani Water Treatment Plant: गोधनी स्थित नागपुर शहर के जलशुद्धीकरण केंद्र में क्लोरीन गैस रिसाव की गंभीर घटना के मामले में पुलिस ने ठेकेदार और क्लोरीन टैंकर सप्लायर के खिलाफ मानकापुर थाने में मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि क्लोरीन गैस के खतरों की जानकारी होने के बावजूद लापरवाही बरती गई, जिसके कारण बड़े पैमाने पर गैस का रिसाव हुआ और आसपास के नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई। आरोपियों में धरमपेठ निवासी ठेकेदार मोहन आनंद (55) और क्लोरीन टैंकर सप्लायर फर्म पार्श्व एसोसिएट्स के मालिक बुधवारी निवासी राजकुमार ताटेड (50) के नाम शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि घटना 24 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि करीब 12।30 से 1 बजे के बीच हुई थी। गैस रिसाव के कारण इलाके के कई नागरिकों को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई थी। प्रभावित लोगों को विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराना पड़ा था, जबकि कुछ मरीजों को आईसीयू में भी रखना पड़ा था। गैस के प्रभाव से इलाके के कुछ कुत्तों की मौत होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
गोधनी स्थित नागपुर शहर के जलशुद्धीकरण केंद्र घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने जांच समिति गठित की थी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
शिकायत के अनुसार, जलशुद्धीकरण केंद्र में रखे स्टैंडबाय क्लोरीन टैंकर से अचानक बड़ी मात्रा में गैस का रिसाव हुआ। संबंधित टैंकर जनवरी 2027 तक वैध बताया गया है। इसके बावजूद टैंकर से गैस रिसाव होने और स्थिति को नियंत्रित करने में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले में आगे जांच कर रही है।
गोधनी जलशुद्धीकरण केंद्र में हुई इस खतरनाक गैस रिसाव की घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि इतने संवेदनशील और घनी आबादी के पास स्थित जल शोधन संयंत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बरती जा रही है।
जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े प्रयास किए थे, जिसके घंटों की मशक्कत के बाद गैस के फैलाव को रोका जा सका।
नागरिकों ने मांग की है कि इस प्रकार की लापरवाह एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।