Nagpur Fikr Foundation Case (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI) 
नागपुर

NGO में युवतियों को जबरन नमाज और रोजा रखने पर किया मजबूर, रियाज काजी गिरफ्तार

Nagpur Fikr NGO News: नागपुर में रियाज काजी गिरफ्तार। NGO में हिंदू युवतियों पर नमाज और धर्मांतरण का दबाव बनाने और यौन शोषण का आरोप। जांच जारी।

अनिल सिंह

Nagpur Fikr Foundation Case: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस (TCS) मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि उपराजधानी नागपुर से भी धर्मांतरण और यौन शोषण का एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नागपुर के 'फिक्र फाउंडेशन' और 'यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी' नामक संस्था में काम करने वाली चार युवतियों ने संस्था के संचालक रियाज काजी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवतियों का दावा है कि उन्हें न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उन पर इस्लाम धर्म स्वीकार करने और इस्लामी रीतियों का पालन करने के लिए भारी दबाव बनाया गया।

नागपुर के मनकापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवतियों की उम्र 22 से 28 साल के बीच है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल से रियाज काजी उन्हें इस्लाम की शिक्षा देता था और उन पर नमाज पढ़ने व रोजा रखने का दबाव बनाता था। आरोपी का निर्देश था कि ऑफिस में एक-दूसरे से मिलते समय 'नमस्ते' के बजाय 'खुदा हाफिज' बोलकर अभिवादन किया जाए। जब युवतियों ने इन धार्मिक अनिवार्यताओं का विरोध किया, तो उन्हें नौकरी से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकियां दी गईं।

यौन शोषण और व्यक्तिगत जीवन में दखल

शिकायतकर्ता महिलाओं ने रियाज काजी पर यौन उत्पीड़न के भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी उनकी निजी जिंदगी में दखल देता था और उनके मोबाइल फोन की जांच करता था। ऑफिस के भीतर एक भय का माहौल बना दिया गया था, जहाँ महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जाता था। युवतियों ने बताया कि वे अपनी आर्थिक मजबूरियों के कारण लंबे समय तक यह प्रताड़ना सहती रहीं, लेकिन आरोपी की बढ़ती ज्यादतियों के बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली।

रियाज काजी गिरफ्तार, 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड

मामले की गंभीरता को देखते हुए मनकापुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और आरोपी रियाज काजी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस निरीक्षक हरीश कलसेकर ने जानकारी दी कि आरोपी के खिलाफ यौन शोषण, धमकाने और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने आरोपी को 23 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस संवेदनशील मामले की पूरी जांच एक महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है, जो पीड़ितों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटा रही हैं।

आर्थिक स्रोत और विदेशी फंडिंग की जांच

नागपुर पुलिस अब रियाज काजी की संस्था 'फिक्र फाउंडेशन' के वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इस एनजीओ (NGO) को पैसा कहां से मिल रहा था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या विदेशी फंडिंग शामिल है। पुलिस उन अन्य लोगों का भी पता लगा रही है जो इस संस्था से जुड़े थे और इस धर्मांतरण एजेंडे में काजी की मदद कर रहे थे। शहर में तनाव को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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