खाद्य मिलावट के खिलाफ नागपुर में बढ़ी शिकायतें फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
नागपुर

नागपुर में मिलावटखोरों पर मेहरबान हुआ FDA! नागरिकों ने खोली शिकायतों की झड़ी, लेकिन कार्रवाई पर अटका मामला

Nagpur FDA Complaints: नागपुर FDA में 6 दिनों में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ 130 शिकायतें दर्ज हुईं। कुल 251 शिकायतों में 83 की जांच लंबित है, जबकि महज 14 मामलों की जांच पूरी हुई है।

अंकिता पटेल

Nagpur Food Safety Complaints: नागपुर अन्न व औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में लिए जा रहे सख्त निर्णयों के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट और असुरक्षा के खिलाफ नागरिकों की बढ़ती जागरूकता का असर दिख रहा है। इसका प्रमाण है पिछले महज 6 दिनों में नागरिकों की ओर से एफडीए में खाद्य प्रतिष्ठानों में अनियमितताओं की 130 नई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं लेकिन एफडीए विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करता नजर आ रहा है।

कई गंभीर मामले सामने आने के बाद केवल जांच कर प्रतिष्ठानों को सुधार की छूट दे दी जा रही है। उन पर कोई सख्त कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सैंपल की जांच रिपोर्ट शो करने में भी अधिकारी टालमटोल की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

6 दिन में 130 शिकायतें, FDA की कार्रवाई पर उठे सवाल

इससे विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर में 15 जुलाई से 21 अगस्त के बीच एफडीए के पास खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित कुल 251 शिकायतें पहुंचीं। इनमें 15 जुलाई से 7 अगस्त के बीच 121 शिकायतें दर्ज हुई थीं। इसके बाद महज 6 दिनों में 130 नई शिकायतें सामने आईं। यानी 6 दिनों में प्राप्त शिकायतों की संख्या पहले 24 दिनों में मिली शिकायतों से भी अधिक रही लेकिन शिकायतों के निपटारे की स्थिति इसके उलट है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 83 शिकायतों की जांच लंबित है। 33 शिकायतें रद्द की जा चुकी हैं, जबकि महज 14 शिकायतों की जांच पूरी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नागरिक लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं तो विभागीय कार्रवाई उसी अनुपात में क्यों नहीं बढ़ रही है।

जांच के बाद 'सुधार' का अवसर दिए जाने की शिकायतें

गंभीर अनियमितताओं के मामलों में भी जांच के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार का अवसर दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो केवल सुधार के निर्देश देकर मामला खत्म करना कितना प्रभावी है? यह बड़ा सवाल है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों में एफडीए का डर कितना कायम हो रहा है? इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ऑन द स्पॉट कार्रवाई करते रहे हैं लेकिन नागपुर के अधिकारियों की कार्रवाई दिखावे की प्रतीत हो रही है।एफडीए

सैंपल रिपोर्ट पर भी सवाल

खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद रिपोर्ट क्या रही? इस संबंध में जानकारी सामने आने में भी कथित तौर पर देरी हो रही है। सैंपल की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर की गई कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी है लेकिन रिपोर्ट उपलब्ध कराने में टालमटोल की स्थिति विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह पैदा कर रही है।

हालांकि एफडीए के आंकड़ों में 6 दिनों में 130 शिकायतों का सामने आना अपने आप में बड़ा संकेत है। सवाल उठाये जा रहे हैं कि नागरिक शिकायत कर रहे हैं लेकिन क्या एफडीए उसी गंभीरता से कार्रवाई भी कर रहा है?

नियमित निरीक्षण किया जा रहा

एक महीने में कुल 251 शिकायते मिली हैं। इनमें से 83 मामलों की जांच लंबित है। एफडीए टीम द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। कार्रवाई भी जारी है। खुले में तेल बिक्री को लेकर भी सख्ती कार्रवाई शुरू की जाएगी।

- एफडीए, सह आयुक्त, कृष्णा जयपुरकर

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