Nagpur School Uniform Scheme: नागपुर शैक्षणिक वर्ष को शुरू हुए भले ही कई दिन बीत गए हों लेकिन अब छात्रों को गणवेश उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव लाया गया। भले ही देरी से प्रस्ताव लाया गया हो लेकिन इसमें भी 2 यूनिफार्म के लिए छात्रों को केवल 600 रुपए उपलब्ध कराने की मंशा विभाग द्वारा जताई गई है।
यह निधि काफी कम होने के कारण चर्चा के बाद स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी ने इसका पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश विभाग को दिया, साथ ही यदि निधि कम पड़ रही हो तो स्थायी समिति की निधि में से उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी।
शिक्षा विभाग की ओर से रखे गए प्रस्ताव के अनुसार मनपा के 12वीं तक के 4,279 छात्रों को गणवेश उपलब्ध कराना है जिसके लिए वर्तमान दरों के अनुसार कुल 25.67 लाख रुपए का खर्च होने की संभावना जताई गई है।
स्कूली छात्रों को दिए जाने वाले मुफ्त गणवेश (यूनिफॉर्म) की प्रक्रिया में कई व्यावहारिक और आर्थिक अड़चनें सामने आ रही हैं। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए गणवेश आवंटन में प्रति छात्र 600 रुपये महंगाई के इस दौर में कम पड़ रहे हैं जिस पर बैठक में सभी सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए राशि बढ़ाने की मांग की।
सबसे बड़ा विवाद सरकार की उस शर्त को लेकर है जिसमें गरीब परिवारों को पहले खुद पैसे खर्च करने को कहा गया है। सभापति दाणी ने कहा कि समिति की चर्चा में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि सभी छात्रों को समान रूप से गणवेश मिल सके, इसके लिए 600 रुपये तय किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस योजना का उचित आकलन करें, ताकि बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाले गणवेश प्राप्त हो सकें।
सरकार से नहीं मिलती मदद महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद के पत्र के अनुसार स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को 300 रुपये प्रति गणवेश की दर से 2 सेट (कुल 600 रुपये प्रति लाभार्थी) के लिए राशि मंजूर की गई है। चूंकि बालवाड़ी और 9वीं से 12वीं के छात्रों को सरकार से गणवेश प्राप्त नहीं होते हैं, इसलिए हर साल की तरह इस बार भी मनपा ने अपनी निधि से इन छात्रों को गणवेश देने का निर्णय लिया है।
प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि प्रति छात्र 600 रुपये की दर से नागपुर मनपा की निधि से गणवेश की खरीदी स्कूल स्तर पर की जाएगी। स्कूलों को सीधे एडवांस पैसे नहीं दिए जाएंगे। शाला प्रबंधन समिति द्वारा छात्रों को 2 जोड़ी गणवेश वितरित करने के बाद उनका 'उपयोगिता प्रमाणपत्र' जमा करना होगा जिसके आधार पर ही गणवेश निधि स्कूलों को हस्तांतरित की जाएगी।
इसके अलावा क्योंकि पूर्व-प्राथमिक और 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए स्काउट गाइड गणवेश के संबंध में कोई सरकारी निर्देश नहीं हैं, इसलिए उन्हें सरकार द्वारा तय किए गए नियमित गणवेश ही दिए जाएंगे।
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