Teacher Savitri Subramaniam Reveals Insights CM Devendra Fadnavis Childhood : गुरु केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि संस्कारों की ऐसी पूंजी भी देते हैं, जो जीवनभर साथ रहती है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के व्यक्तित्व निर्माण में भी उनके स्कूली जीवन के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षक दिवस के अवसर पर उनकी शिक्षिका सावित्री सुब्रमण्यम ने नवभारत से बातचीत में छात्र जीवन के फडणवीस से जुड़े कई संस्मरण साझा किए।
शिक्षिका सावित्री सुब्रमण्यम ने बताया कि वह सरस्वती विद्यालय में करीब 40 वर्षों तक अध्यापन कार्य से जुड़ी रहीं। देवेंद्र फडणवीस 1985 बैच के छात्र थे और कक्षा आठवीं से दसवीं तक तीन वर्षों तक वह उनकी वर्ग शिक्षिका रहीं। उन्होंने फडणवीस को हिन्दी विषय पढ़ाया था। उनके अनुसार उस बैच के विद्यार्थी काफी होनहार थे।
सावित्री सुब्रमण्यम के अनुसार, छात्र देवेंद्र का स्वभाव बेहद संवेदनशील, शांत, शालीन और मिलनसार था। वह सभी को साथ लेकर चलने वाले विद्यार्थी थे। कक्षा में जितेंद्र अनिगोंदिका नाम का एक दिव्यांग छात्र था। उसकी देखभाल और जरूरतों का ध्यान रखने की जिम्मेदारी देवेंद्र ने स्वयं उठा रखी थी।
शिक्ष दिवस के अवसर पर बातचीत में सावित्री सुब्रमण्यम ने बताया कि स्कूल में देवेंद्र के संबंध लगभग सभी विद्यार्थियों से अच्छे थे। वह वर्ग शिक्षिका थीं, लेकिन अन्य शिक्षकों को भी उनके व्यवहार या अनुशासन को लेकर कभी शिकायत नहीं रही। कक्षा में कुछ शरारती बच्चे भी थे। उनसे कभी कोई गलती हो जाती तो देवेंद्र और उनके साथी उन्हें संभाल लेते थे। पूरी कक्षा में एकजुटता की भावना थी।
शिक्षिका सावित्री सुब्रमण्यम के मुताबिक देवेंद्र के नेतृत्व कौशल का वास्तविक विकास कॉलेज के दिनों में हुआ। छात्र संघ का नेतृत्व करते हुए उन्होंने एक अच्छे वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनके अनुसार, बचपन में ही भविष्य का पूरा आकलन करना संभव नहीं होता, लेकिन देवेंद्र में लोगों को साथ लेकर चलने की क्षमता शुरू से दिखाई देती थी।
उन्होंने बताया कि बचपन में देवेंद्र के सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता का उन पर गहरा प्रभाव था, जबकि उनकी मां ने उन्हें आगे बढ़ने की पूरी स्वतंत्रता दी। आत्मनियंत्रण, मनन और चिंतन करने वाला यह विद्यार्थी आज भी अपनी शिक्षिका से बेहद कृतज्ञता के साथ मिलता है।
भावुक होते हुए शिक्षिका सावित्री सुब्रमण्यम ने कहा कि उनकी कक्षा का एक विद्यार्थी आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पद पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है, यह उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका को इससे बढ़कर और क्या चाहिए कि उसका विद्यार्थी जीवन में इतनी बड़ी सफलता हासिल करे और वर्षों बाद भी अपने गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता बनाए रखे।