दीक्षाभूमि, स्मारक समिति, भदंत ससाई, नागपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया)  
नागपुर

भ्रामक जानकारी फैलाई तो खैर नहीं!- दीक्षाभूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन हुए सख्त

Nagpur Deekshabhoomi: दीक्षाभूमि स्मारक समिति ने प्रबंधन को लेकर कथित भ्रामक जानकारी फैलाने और अवैध कब्जे के प्रयास के आरोप में राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

अंकिता पटेल

Nagpur Deekshabhoomi Smarak Samiti: नागपुर दीक्षाभूमि के डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति प्रबंधन को लेकर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने तथा इसे अवैध रूप से अपने कब्जे में लेने का प्रयास करने वालों के खिलाफ समिति ने कड़ा रुख अपनाया गया है। दीक्षाभूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष और धम्मसेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

समाज में फैला रहे हैं भ्रामक संदेश

भदंत सुरई ससाई ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे द्वारा समिति के संदर्भ में सार्वजनिक रूप से गलत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने इसे दीक्षाभूमि के प्रबंधन को गैर कानूनी तरीके से हथियाने का एक 'दयनीय प्रयास' करार दिया।

भदंत ससाई ने चिंता जताते हुए कहा कि इन लोगों की हरकतों से समाज में गलत संदेश जा रहा है जिससे धम्म बंधुओं में भारी रोष निर्माण हो रहा है। इस प्रकार की झूठी बातों से न केवल पवित्र दीक्षाभूमि की बल्कि पूरे समाज की भारी बदनामी हो रही है।

धर्मदाय आयुक्त के आदेश का हो रहा उल्लंघन: राजेंद्र गवई के दावों को सिरे से खारिज करते हुए भदंत ससाई ने स्पष्ट किया कि धर्मदाय आयुक्त कार्यालय की अनुसूची-1 के रिकॉर्ड में राजेंद्र गवई का नाम सचिव के रूप में कहीं भी दर्ज नहीं है।

धर्मदाय उपायुक्त के स्पष्ट निर्देश हैं कि केवल आधिकारिक रूप से दर्ज सदस्य ही समिति का प्रबंधन करेंगे। इसके बावजूद राजेंद्र गवई इन आदेशों का खुला उल्लंघन करते हुए और आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत जाकर खुद को सचिव के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके इन अवैध कृत्यों को लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी गई है।

विलास गजघाटे के अध्यक्ष बनने की खबर पूर्णतः झूठी

विलास गजघाटे को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी विराम लगाया गया है। भदंत ससाई ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि विलास गजघाटे के ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने का प्रचार पूरी तरह से तथ्यों के विपरीत और गुमराह करने वाला है।

उन्होंने बताया कि विलास गजघाटे की ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर किसी भी प्रकार की कोई नियुक्ति नहीं हुई है। विलास गजघाटे के इन गैर कानूनी कार्यों के खिलाफ भी सक्षम न्यायालय के समक्ष आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

समिति के अध्यक्ष भदंत ससाई के अनुसार यह साफ दिखाई दे रहा है कि राजेंद्र गवई और विलास गजघाटे मिलीभगत करके ट्रस्ट के प्रबंधन पर गैर कानूनी तरीके से कब्जा करने का षड्यंत्र रच रहे हैं जिसके खिलाफ अब न्यायपालिका और पुलिस का दरवाजा खटखटाया गया है।

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