नागपुर मनपा स्टेशनरी घोटाला (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

नियम या साठगांठ? निलंबन की गाज गिरते ही घोटाले में नामजद अधिकारी की लॉटरी, नागपुर मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल

Nagpur Municipal Corporation Controversy: नागपुर मनपा में निलंबित सहायक आयुक्त घनश्याम पंधरे की जगह स्टेशनरी घोटाले के आरोपी राजेश मेश्राम को महल जोन का प्रभार सौंपने की तैयारी है। पढ़ें पूरा मामला।

वेदांत जोशी

NMC Stationery Scam Mahal Zone Assistant: नागपुर महानगरपालिका में एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक फैसलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पहले निलंबित किए गए सहायक आयुक्त घनश्याम पंधरे की जगह अब समाज कल्याण विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत राजेश मेश्राम को महल जोन का अस्थायी सहायक आयुक्त बनाने की तैयारी होने की जानकारी सूत्रों ने दी है।

खास बात यह है कि मेश्राम का नाम पहले स्टेशनरी घोटाले की जांच में अभियुक्त के तौर पर सामने आया था। हालांकि, मनपा अधिकारियों का तर्क है कि उस मामले में मेश्राम अकेले आरोपी नहीं थे। कई अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में थे और इनमें से कुछ को अदालत से राहत मिल चुकी है। ऐसे में विभाग का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी नियुक्ति में कोई नियम संबंधी अड़चन नहीं है।

वरिष्ठता सूची में पहला नाम

सूत्रों के मुताबिक, राजेश मेश्राम की फाइल तैयार हो चुकी है और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए मनपा आयुक्त के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही उन्हें महल जोन का प्रभार सौंपा जा सकता है।

मेश्राम फिलहाल मनपा में लाड-पागे समिति से जुड़े काम देख रहे हैं। सेवा वरिष्ठता सूची में उनका नाम पहले क्रमांक पर बताया जा रहा है। इसी वरिष्ठता के आधार पर लंबे समय से उनके सहायक आयुक्त बनने की चर्चा चल रही थी।

पिछले कुछ वर्षों में लाड-पागे समिति से जुड़े मामलों को संभालने के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की पदोन्नति, सेवा संबंधी मामलों और अन्य अहम मुद्दों पर काम किया है। सूत्रों का दावा है कि उनकी कार्यप्रणाली से अधिकारी और कर्मचारी भी संतुष्ट हैं। सत्ता पक्ष की ओर से भी उनके नाम पर किसी बड़ी आपत्ति की जानकारी नहीं है।

हाई-प्रोफाइल जोन की जिम्मेदारी

गांधीबाग-महल जोन नागपुर महानगरपालिका के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में माना जाता है। इसके तहत महल, इतवारी, गांधीबाग और सेंट्रल एवेन्यू जैसे प्रमुख इलाके आते हैं। केलीबाग रोड और गडकरी वाड़ा भी इसी जोन का हिस्सा हैं।

व्यापारिक गतिविधियों से भरे इस क्षेत्र में अतिक्रमण, सफाई, संपत्ति कर वसूली और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं लगातार चुनौती बनी रहती हैं। ऐसे में सहायक आयुक्त के तौर पर मेश्राम के सामने कई अहम जिम्मेदारियां होंगी।

अब सबकी नजर मनपा आयुक्त की अंतिम मंजूरी पर है। मंजूरी मिलती है तो वरिष्ठता के आधार पर मेश्राम को मिली यह जिम्मेदारी उनके लंबे समय से चल रहे सहायक आयुक्त पद के इंतजार को भी खत्म कर देगी।

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