Nagpur Climate Change: नागपुर में मानसून की दस्तक का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई है और शहर में इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां 23 जून के बाद बनने की संभावना है। ऐसे में लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में पिछले दिनों की तुलना में थोड़ी कमी जरूर आई है, लेकिन उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल सकी। दिनभर गर्मी का असर बना रहा और लोगों को पसीने व बेचैनी का सामना करना पड़ा।
गुरुवार सुबह शहर में हल्की और ठंडी हवाएं चलने से मौसम कुछ समय के लिए सुहावना बना रहा। हालांकि जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, उमस बढ़ती गई। पूरे दिन धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही। मौसम में बदलाव के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से लोगों को असहजता महसूस हुई। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और यातायात के दौरान गर्मी का असर साफ दिखाई दिया।
नागपुर शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे लोगों को क्षणिक राहत मिली। मौसम विभाग ने नागपुर में 10.2 मिमी वर्षा दर्ज की है। हालांकि यह बारिश मानसून की सक्रियता का संकेत नहीं मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण हल्की वर्षा हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में किसी प्रभावी मौसमी प्रणाली के अभाव में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है। यही वजह है कि विदर्भ समेत नागपुर क्षेत्र में मानसून की प्रगति अटक गई है। विभाग का अनुमान है कि 23 जून के बाद परिस्थितियां अनुकूल होने पर मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और क्षेत्र में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है।
लगातार बढ़ती उमस और गर्मी के बीच शहरवासियों की निगाहें अब मानसूनी बारिश पर टिकी हैं। किसान वर्ग भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है ताकि खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिल सके। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन व्यापक और जोरदार बारिश के लिए लोगों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।