Nagpur Bombay High Court Helmet Exemption: नागपुर शहर में पगड़ी पहनने वाले सिखों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय या पीछे बैठते समय हेलमेट अनिवार्य करने की मांग करते हुए कीर्तेश चौधरी की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत पगड़ीधारी सिखों को दी गई हेलमेट की छूट असंवैधानिक नहीं है और इससे समानता के मौलिक अधिकार का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं होता।
याचिका में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के प्रावधानों को चुनौती दी गई थी। इस धारा के नियमानुसार सार्वजनिक स्थानों पर 4 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक और उसके पीछे बैठने वाले यात्री के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है, लेकिन पगड़ी पहनने वाले सिख व्यक्तियों को इस नियम से विशेष छूट प्रदान की गई है।
याचिकाकर्ता ने अदालत में यह दावा किया था कि यह छूट समानता के संवैधानिक अधिकार के खिलाफ है और यह एक विशिष्ट समुदाय को विशेष रियायत प्रदान करती है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि देश में कानून के सामने सभी नागरिक समान है। इसलिए इस तरह का वर्गीकरण उचित नहीं हो सकता।
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता ने याचिकाकर्ता के इस दलील को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। अदालत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि पगड़ीधारी सिखों को दी गई यह कानूनी छूट किसी भी प्रकार का भेदभाव पैदा नहीं करती है और न ही यह अन्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर कोई आच लाती है।
यह भी पढ़ें:-दिनभर रिमझिम के बाद रात में ‘कूल-कूल’ हुआ नागपुर; डेढ़ घंटे की झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, कई जगह जलजमाव
बॉम्बे हाई कोर्ट में इस याचिका के नामंजूर होने के बाद यह पूरी तरह साष्ट हो गया कि मोटर वाहन अधिनियम में पगड़ीधारी सिखों के लिए मौजूद हेलमेट से छूट का मौजूदा प्रावधान कायम रहेगा।