Nagpur Babasaheb Ambedkar International Airport: नागपुर शहर के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार एवं आधुनिकीकरण का जिम्मा जीएमआर ने संभाल लिया है। इस प्रोजेक्ट के लिए जीएमआर को 30 वर्षों के लिए एयरपोर्ट ऑपरेशनल क्षेत्र की 900 हेक्टेयर तथा शहर से सटी साइड वाली 100 हेक्टेयर सहित कुल 1,000 हेक्टेयर भूमि सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
लेकिन इसके अतिरिक्त शहर से सटी एयरपोर्ट की 271 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन का अब आर्थिक कायाकल्प होने जा रहा है। एयरपोर्ट की इस भूमि पर भव्य कमर्शियल योजना साकार की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मिहान इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) ने हवाई अड्डे की इस 271 हेक्टेयर (लगभग 670 एकड़) अतिरिक्त भूमि का व्यावसायिक उपयोग कर बड़ा राजस्व जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
एमआईएल ने इस पूरी अतिरिक्त जमीन का सांकेतिक मास्टर प्लान और व्यवहार्यता अध्ययन तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है। सूत्रों के अनुसार इस विशाल भूमि का आर्थिक और बाजार की मांग के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि आने वाले दशकों के लिए कमाई का एक स्थायी स्रोत तैयार हो सके।
इस मास्टर प्लान के जमीन पर उतरने से नागपुर बड़े पैमाने पर नया निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। सूत्रों के अनुसार आगामी 18 से 20 दिनों में यह परियोजना कागजों से निकलकर रफ़्तार पकड़ सकती है।
यह 271 हेक्टेयर जमीन जीएमआर को सौंपी जा रही 1,000 हेक्टेयर भूमि का अतिरिक्त हिस्सा है, इसलिए यहां पर जीएमआर नहीं बल्कि यह परियोजना पूरी तरह से एमआईएल के नियंत्रण में होगी।
एमआईएल ने अपनी 271 हेक्टेयर की अतिरिक्त प्राइम लैंड को जीएमआर के साथ हुए करार से पूरी तरह बाहर और सुरक्षित रखा है। इस बची हुई जमीन का मास्टर प्लान तैयार कराकर मुद्रीकरण करने का सीधा मतलब यह है कि इस हिस्से से एमआईएल राजस्व जुटाएगा।
वैश्विक विमानन क्षेत्र का यह आधुनिक नियम है कि केवल फ्लाइट्स और टिकटों पर निर्भर रहने के बजाय एयरपोर्ट की जमीनों का व्यावसायिक उपयोग करके कमाई बढ़ाई जाए। एमआईएल का यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा है।
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इससे यही संकेत मिलते हैं कि सलाहकार एजेंसी बाजार की मांग का बारीकी से अध्ययन कर यह तय करेगी कि इस 271 हेक्टेयर जमीन का व्यावसायिक, औद्योगिक रूप में कैसे अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। मतलब साफ है यह एक तरह से एमआईएल का नॉन एयरो राजस्व के लिए पर बड़ा दांव है।