नागपुर 10वीं रिजल्ट,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा का शानदार रिजल्ट, छात्रों ने रचा रिकॉर्ड; शिक्षा गुणवत्ता की बढ़ी साख

Nagpur SSC Result 2026: नागपुर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शानदार रहा। नागपुर-1 ने 95.99% के साथ टॉप किया, जबकि हिंगना ने 95.44% रिजल्ट देकर शिक्षा क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।

अंकिता पटेल

Nagpur Education News SSC Result: नागपुर जिले में इस वर्ष 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। कई तहसीलों ने 90 प्रतिशत से अधिक परिणाम दर्ज कर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। खासतौर पर नागपुर शहर और हिंगना तहसील ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले में अपनी अलग पहचान बनाई।

जिले में सबसे शानदार परिणाम नागपुर-1 विभाग का रहा, जहां कुल 95.99 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, यहां 14,794 छात्र और 15,145 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुई थीं, जिनमें से 13,958 छात्र और 14,781 छात्राएं उत्तीर्ण हुई। यह जिले का सर्वाधिक परिणाम रहा। हिंगना तहसील ने भी 95.44 प्रतिशत रिजल्ट के साथ अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता साबित की।

यहां 2,786 विद्यार्थियों में से 2,659 विद्यार्थी सफल हुए। वहीं नागपुर-2 विभाग ने 92.07 प्रतिशत परिणाम दर्ज कर शानदार प्रदर्शन किया। कामठी तहसील का परिणाम 92.88 प्रतिशत रहा, जबकि पारशिवनी ने 92.36 प्रतिशत रिजल्ट के साथ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।

भिवापुर में 91.70 प्रतिशत और काटोल में 91.27 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। उमरेड ने 90.90 प्रतिशत तथा सावनेर ने 90.46 प्रतिशत परिणाम दर्ज कर 90 प्रतिशत का आंकड़ा पार किया।

जिले की तहसीलों का परिणाम

क्रमांक तहसील / क्षेत्र परिणाम (%)
1 नागपुर-1 95.99%
2 हिंगना 95.44%
3 कामठी 92.88%
4 पारशिवनी 92.36%
5 नागपुर-2 92.07%
6 निवापुर 91.70%
7 काटोल 91.27%
8 उमरेड 90.90%
9 सावनेर 90.46%
10 कुही 89.74%
11 मौदा 88.83%
12 रामटेक 87.23%

रामटेक तहसील सबसे कम

कुही (89.74 प्रतिशत) और मौदा (88.83 प्रतिशत) तहसील ने भी अच्छी प्रगति दिखाई, जबकि रामटेक का परिणाम 87.23 प्रतिशत हा। कलमेश्वर (85.52 प्रतिशत) और नरखेड (84.80 प्रतिशत) का परिणाम अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन जिले के कुल प्रदर्शन को देखते हुए इसे भी संतोषजनक माना जा रहा है।

इस वर्ष के परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, अधिकांश तहसीलों में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों की तुलना मैं अधिक दर्ज किया गया। शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों से यह उत्कृष्ट सफलता संभव हो सकी।

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