विद्याविहार ब्रिज (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Mumbai: विद्याविहार ब्रिज की डेडलाइन फिर बढ़ी, अब जून 2026 तक पूरा होगा काम

Mumbai: विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट ब्रिज की डेडलाइन तीसरी बार बढ़ाई गई। अब काम जून 2026 तक पूरा होगा। पुनर्वसन और डिजाइन बदलाव के कारण लागत बढ़कर 179 करोड़ पहुंच गई है।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: विद्याविहार ब्रिज की डेडलाइन को एक बार फिर आगे बढ़ाया गया है, यानी नागरिकों को अब और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

बीएमसी के मुताबिक, विद्या विहार इंस्ट-वेस्ट कनेक्टर ब्रिज जो मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी डेडलाइन को आगे बढ़ाकर जून कर दिया गया है, क्योंकि बीएमसी का कहना है कि ब्रिज के पश्चिम में कमर्शियल ढांचे के ध्वस्तीकरण और पुनर्वसन की वजह से निर्माण कार्य में देरी हुई।

बता दे कि यह तीसरी बार है जब ब्रिज को समय सीमा को आगे बढ़ाया गया है। इसके पहले यह ब्रिज मध्य 2025 तक तक पूरा होना था फिर मार्च 2026 किया गया और अब जून 2026। इस प्रोजेक्ट की लागत 178.93 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसमें वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है।

कमर्शियल ढांचा बना देरी का कारण

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ब्रिज के पूर्व इलाके में काम काफी हद तक पूरा हो गया है, लेकिन पश्चिम इलाके में कमर्शियल ढांचा था जिसमें पुनर्वसन का मामला जुड़ा हुआ था। अब इस मुद्दे को सुलक्ष्य लिया गया है। मध्य दिसंबर तक पुनर्वसन का काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पश्चिम में ब्रिज का काम तेजी से पूरा किया जाएगा।

पुल बनने के बाद 10-15 मिनट का होगा सफर

यह ब्रिज आरएन गांधी स्कूल (पूर्व) से रामदेव पीर मार्ग (पश्चिम) तक फैला होगा। फिलहाल विद्याविहार ईस्ट से वेस्ट जाने में 30 मिनट से अधिक समय लगता है, लेकिन पुल बनने के बाद यह सफर सिर्फ 10-15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। पश्चिमी हिस्से की संरचनाओं को हटाकर काम तेजी से किया जाएगा। तो अब उम्मीद है कि बीएमसी इस ब्रिज का निर्माण मानसून से पहले पूरा कर ले।

99 करोड़ से 179 करोड़ हुई परियोजना लागत

  • डिजाइन बदलाव और अवरोधों के कारण इस प्रोजेक्ट में देरी हुई है, जिसके चलते इसकी लागत भी बढ़कर 178।93 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पहले 99.98 करोड़ रुपये थी।
  • यह बिज विद्याविहार स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर 120 मीटर लंबे गर्डर के साथ बनाया जा रहा है, जिसमें ट्रैक पर कोई सपोर्टिंग पिलर नहीं होगा। इस पुल की कुल लंबाई 613 मीटर होगी, जिसमें दो लेन और फुटपाथ शामिल होंगे।
  • इस परियोजना की योजना 1991 में बनी थी। लेकिन 2016 में बीएमसी ने इसे आगे बढ़ाया और 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। पहले मध्य-2022 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य लेकिन कोविड-19 और डिजाइन में बदलाव के चालते इसमें देरी हुई।

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