Mumbai News: शहरी नक्सलवाद को खत्म करने की आड़ में भाजपा महायुति सरकार द्वारा लाया गया जन सुरक्षा अधिनियम सरकार के खिलाफ लोगों की आवाज दबाने के लिए लाया गया है। यह कानून संविधान द्वारा हमें दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने वाला कानून है।
मौजूदा कानून नक्सलवाद को खत्म करने में सक्षम हैं, इसलिए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़ ने जन सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करने की मांग की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर फोर्ट स्थित महापुरुष डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा से मंत्रालय के पास राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक शांति मार्च निकाला गया।
सांसद वर्षा गायकवाड़, विधायक अमीन पटेल, शिवसेना (उबाठा) विधायक सचिन अहीर, माकपा नेता प्रकाश रेड्डी, शैलेंद्र कांबले, सचिन सावंत, मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेश चंद्र राजहंस, प्रणिल नायर, कचरू यादव सहित जन सुरक्षा अधिनियम विरोधी संघ समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी तथा सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और समान विचारधारा वाले अन्य दलों और संगठनों के सदस्य और पदाधिकारी इस मार्च में शामिल हुए।
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सांसद वर्षा गायकवाड़ ने आगे कहा कि लोकतंत्र और संविधान देश की आत्मा हैं, सत्य, अहिंसा और सद्भाव देश का मूल हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से लोकतंत्र और संविधान को कुचला जा रहा है। विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है, जनप्रतिनिधियों से जनता के सवाल उठाने का अधिकार भी छीना जा रहा है।