वडेट्टीवार का आरोप, ₹2 लाख तक कर्ज वाले किसानों को राहत नहीं।
कर्जमाफी में शर्तें लगाकर लाभार्थी बढ़ाने का दावा।
गोकुल चुनाव में संचालकों को मतदान से रोकने का आरोप।
10 नवंबर को बहुमत से अध्यक्ष चुनने की मांग।
Maharashtra Farmers Loan Waiver: महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी योजना को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य की महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि दो लाख रुपये का कृषि कर्ज रखने वाले एक भी किसान को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कम राशि का कर्ज रखने वाले किसानों का कर्ज माफ करके लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर पेश की है।
वडेट्टीवार के मुताबिक, सरकार ने सवा लाख, 1 लाख 10 हजार, 80 हजार और 60 हजार रुपये तक का कर्ज रखने वाले किसानों को राहत दी है। वहीं, डेढ़ लाख रुपये से अधिक का कर्ज रखने वाले किसानों को अलग-अलग शर्तें लगाकर लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह कर्जमाफी के वास्तविक लाभ से बड़ी संख्या में किसान वंचित रह गए हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि वे किसानों की सूची लेकर सरकार के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार से कर्जमाफी के आंकड़ों और लाभार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल के सत्ता संघर्ष को लेकर भी महायुति सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गोकुल के चुनाव में दूध उत्पादक सदस्यों ने अपना स्पष्ट फैसला दिया है, लेकिन सत्ता के बल पर निर्वाचित संचालकों को किनारे करने की कोशिश की जा रही है।
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि कुछ निर्वाचित संचालकों को दूसरे राज्य में भेजा गया है, ताकि अध्यक्ष पद के चुनाव में बहुमत का समीकरण प्रभावित किया जा सके।
विजय वडेट्टीवार ने मंत्री हसन मुश्रीफ से सवाल किया कि निर्वाचित संचालकों को दूसरे राज्य में क्यों भेजा गया और मतदान का अधिकार रखने वाले सदस्यों को मतदान से दूर रखने की कोशिश क्यों की जा रही है।
उन्होंने मांग की कि 10 नवंबर को होने वाले गोकुल अध्यक्ष पद के चुनाव में सभी निर्वाचित संचालकों को उपस्थित रहने दिया जाए। अध्यक्ष का चयन बहुमत के आधार पर होना चाहिए। वडेट्टीवार ने कहा कि चुनाव में निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपना मत व्यक्त करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।