उद्धव ठाकरे  सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

उद्धव ठाकरे का तंज: परीक्षा लीक, महंगाई और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जूझ रहा महाराष्ट्र

Maharashtra Political Crisis: गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर उद्धव ठाकरे ने महायुति सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बढ़ती महंगाई, पेपर लीक और कृषि संकट के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया।

रूपम सिंह

Uddhav Thackeray Press Conference: गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के बढ़ते सामाजिक-आर्थिक राजनीतिक संकट के लिए सत्तारूढ़ महायुति सरकार की कड़ी आलोचना की। ठाकरे ने राज्य की भयावह तस्वीर पेश की और दावा किया कि मुद्रास्फीति, व्यवस्थागत भ्रष्टाचार, कृषि संकट और बढ़ते सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से ग्रस्त है।

यह तर्क देते हुए कि वर्तमान शासक स्वयं महाराष्ट्र और राष्ट्र के सामने सबसे बड़ा 'विघ्न' (बाधा) बन गए हैं। ठाकरे ने त्योहारों के मौसम से पहले जनता की परेशानी बढ़ाने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की गई।

चीनी, दूध, सीएनजी, घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि आम आदमी के त्योहारी बजट पर भले ही बुरा असर पड़ा हो लेकिन भक्त भगवान गणेश का श्रद्धापूर्वक स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

पुणे शहर के कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर हुए हालिया हमले पर कहा कि जिन्होंने सार्वजनिक समारोहों के दौरान उच्च ध्वनि वाले डीजे सिस्टम का कड़ा विरोध वाले पर सत्ताधारी दल ने कार्यकर्ता को शहरी नक्सल और बाहरी करार दिया।

नेट और टीईटी में हुए घोटालों की भी की आलोचना

उद्धव ठाकरे ने बार-बार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की भी आलोचना की गई। सरकार द्वारा घोषित एसआईटी जांच और प्रशासनिक सुधार के दावी को खोखला बताते हुए सवाल उठाया गया कि हजारों महत्वाकांक्षी युवाओं के चकनाचूर सपनों के लिए कौन जवाबदेह होगा।

लोकमान्य तिलक के सार्वजनिक गणेश उत्सव की जड़ों का पता लगाते हुए इस बात पर खेद व्यक्त किया गया कि इसकी संस्थापक सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि कॉर्पोरेट अधिग्रहण और घटिया राजनीतिक दिखावे से नष्ट हो रही है।

उद्धव ने बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, प्रति दिन निर्दोष लोगों की जान लेने वाली खराब सड़कों और गैर-स्थानीय ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए स्थानीय मराठी भाषा के मानदंडों को लागू करने में सरकार की विफलता पर एक कड़ी चेतावनी के साथ कहा कि महाराष्ट्र, जो कभी देश के लिए प्रगतिशील विचारों का प्रतीक था, सत्ता के नशे में चूर और कट्टरपंथी शासकों द्वारा दिशाहीन कर दिया गया है और धार्मिक चरमपंथ की छाया में धकेल दिया गया है।

सूखे को लेकर सरकार को चेताया

अल नीनो के गंभीर प्रभाव का हवाला देते हुए ठाकरे ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी है। झुलसे हुए खेतों में खरीफ की फसलें सूख रही हैं और अपर्याप्त वर्षा आगामी रबी मौसम पर संकट का साया डाल रही है जिससे ग्रामीण आजीविका गंभीर खतरे में है और किसानों की आत्महत्याएं लगातार जारी हैं।

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