उद्धव ठाकरे की मोदी सरकार और फडणवीस-शिंदे पर निशाना, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती।
किसानों की कर्जमाफी, राहत और कथित वोट चोरी को लेकर सरकार पर सवाल।
संजय राउत का अमित शाह पर हमला, सुषमा अंधारे ने शिंदे की नेतृत्व क्षमता पर उठाए सवाल।
Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Dussehra Rally: शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दादर के शिवाजी पार्क मैदान में आयोजित दशहरा रैली में केंद्र की मोदी सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म की राजनीति चल रही है। साथ ही उन्होंने वोट चोरी का हवाला देते हुए सरकार को चुनौती दी है कि हिम्मत है तो बैलेट पेपर पर चुनाव कराओ और फिर देखो कौन जीतता है।
हम सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े हुए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि चींटियां मुर्गियों से बेहतर होती हैं, अगर आप एक चींटी पर पैर रखते हैं, तो बाकी चीटियां भागती नहीं हैं, वे एक साथ आती हैं और काटती हैं और उस हिस्से को काटती हैं जो मुश्किल पैदा करता है। हमें चीटियों की तरह काटना सीखना चाहिए। यह डबल इंजन सरकार बैठी है, बस घोषणाएं कर रही है।
पिछले साल उन्होंने किसानों का मजाक उड़ाया था। अब 5 हजार रुपये फेक कर किसानों का मजाक उड़ाया गया है। नमो किसान की अभी 3 किस्तें किसानों को नहीं मिली हैं। सेंट्रल टीम आई और चली गई। उन्होंने लोन माफी की घोषणा की, लेकिन कितने लोगों की मदद की? किसानों के परिवार फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा आरएसएस से कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन सरसंघ चालक मोहन भागवत बताएं कि क्या यह सच है कि आजादी के बाद भी कुछ वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया गया? इसीलिए आप तिरंगा रैलियां नहीं होने दे रहे हैं? आंदोलन करने वाले छात्रों को सभ्यता सिखाई जा रही है। पुलिस उन बच्चों की भेड़ियों की तरह बेरहमी से पिटाई कर रही है, क्या तिरंगा यात्रा निकालना अपराध है? क्या तिरंगे से अभी भी द्वेष है?
उद्धव ने कहा कि देश के 13 करोड़ लोगों का मताधिकार छीन लिया गया है, इसलिए कि वे बाग्लादेशी हैं। हम रिजीम चेंज के लिए खड़े हुए हैं, हमें बताओ क्या सत्ता परिवर्तन नहीं होना चाहिए? ज्ञानेश कुमार की जान भी रावण तरह मुश्किल में है। जब शिवाजी महाराज ने तोरणा किला जीता था, तब वे 17 साल के थे, जब अफजल खान मारा गया था, तब वे 29 साल के थे।
अफजल खान ने शिवाजी महाराज को चूहा कहा था, अब इन युवाओं को कॉकरोच, दिमागी नक्सल कहा जा रहा है। मुंबई एक बहुभाषी शहर है अमित शाह आए थे। ये सत्ता के भूखे लोग दाढ़ी खुजला रहे थे। वे हमें हिंदुत्व सिखाएंगे, उनकी पूंछ बाहर निकली तो कट जाने का डर है। उन्हें लगता है कि अगर हम शिवसेना को खत्म कर देंगे, तो हम मुंबई को निगल पाएंगे, लेकिन हम पेट से खींच लाएंगे।
ठाकरे गुट की नेता सुधमा अंधारे ने दशहरा रैली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला। भाजपा के दबाव में अपने ही कार्यकर्ता (मंगेश चिवटे) का नामांकन वापस लेने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिंदे में वास्तव में मुख्यमंत्री बनने की हिम्मत है। रैली को संबोधित करते हुए अंधारे ने कहा कि राज्य भीषण सूखे का सामना कर रहा है। 1972 के बाद ऐसी स्थिति पहली बार देखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चारा शिविरों के नाम पर बिचौलियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों का मजाक उड़ाया जा रहा है।
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए देश में 'सत्ता परिवर्तन' का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति ही राज्य में माफिया राज चला रहा है।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि अमित शाह राजनीतिक लाभ के लिए देश में बिश्नोई जैसे तत्वों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि असली शिवसेना एक ही है और पार्टी अपना पारंपरिक चुनाव चिह्न 'धनुष-बाण' जल्द वापस हासिल करेगी।