रज ठाकरे और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

सरकार को सद्बुद्धि दे भगवान... मुंबई में ठाकरे भाइयों का महा-शक्तिप्रदर्शन, जानें तारीख, प्लानिंग और कारण

Thackeray Brothers Protest: मुंबई में NEET धांधली और युवाओं के भविष्य को लेकर उद्धव और राज ठाकरे एक साथ आए हैं। जानिए 26 तारीख को होने वाले ठाकरे भाइयों के महा-शक्तिप्रदर्शन की पूरी प्लानिंग।

गोरक्ष पोफली

Thackeray Brothers Mumbai Protest Date: मुंबई की राजनीति में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने देश के छात्रों के भविष्य और नीट परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ एक साथ हुंकार भरी है। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार के अहंकार पर कड़ा प्रहार किया और आगामी 26 तारीख को मुंबई की सड़कों पर एक विशाल शक्तिप्रदर्शन का ऐलान किया है।

इस आंदोलन की सबसे रोचक बात इसका आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक पहलू है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने घोषणा की है कि यह मोर्चा शिवाजी पार्क से शुरू होकर प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर तक जाएगा। मंदिर पहुंचकर दोनों नेता और हजारों छात्र भगवान सिद्धिविनायक के चरणों में प्रार्थना करेंगे कि वे सरकार को सद्बुद्धि दें। उद्धव ठाकरे ने तो यहाँ तक कह दिया कि या तो भगवान सरकार को सही रास्ता दिखाएं, या फिर देश पर आए इस संकट को जल्द से जल्द दूर करें।

आंदोलन की पूरी प्लानिंग

यह शक्तिप्रदर्शन 26 तारीख, रविवार को आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे भीड़ जुटना शुरू होगी और 11:30 बजे तक मोर्चा आगे बढ़ेगा। इस मोर्चे की सबसे बड़ी शर्त यह है कि इसमें किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। प्रदर्शनकारी केवल राष्ट्रध्वज तिरंगा लेकर चलेंगे ताकि यह संदेश जाए कि यह देश के भविष्य की लड़ाई है, न कि किसी पार्टी की। इसमें केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, अभिभावक और वे सभी नागरिक शामिल होंगे जिन्हें देश के युवाओं की चिंता है। यहां तक कि उन्होंने उन भाजपा समर्थकों को भी आमंत्रित किया है जो सरकार के रवैये से नाखुश हैं।

क्यों उबला है ठाकरे भाइयों का गुस्सा?

राज ठाकरे के अनुसार, नीट परीक्षा के पेपर लीक और अव्यवस्था ने देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। ठाकरे भाइयों का मानना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है। दिल्ली और अन्य जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया और लड़कियों के साथ बदसलूकी हुई, उससे दोनों नेता बेहद आक्रोशित हैं। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में गुंडों ने पुलिस के साथ मिलकर छात्रों को पीटा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि प्रधानमंत्री केवल ट्वीट कर रहे हैं, जबकि उन्हें छात्रों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए थी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर है और संवाद के दरवाजे बंद कर चुकी है। उद्धव ठाकरे ने अदालतों की तुलना धृतराष्ट्र से करते हुए दुख व्यक्त किया कि न्यायपालिका के पास अन्य मुद्दों के लिए समय है, लेकिन अपनी जान दांव पर लगाने वाले छात्रों की सुनने के लिए नहीं।

ठाकरे भाइयों की चेतावनी

ठाकरे भाइयों ने चेतावनी दी है कि यदि मुंबई में भी दिल्ली की तरह छात्रों को दबाने या पुलिस के जरिए डराने की कोशिश की गई, तो उनके कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। यह मोर्चा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति का एक बड़ा संदेश होने वाला है।

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