Supriya Sule Touches Rajnath Singh Feet: दिल्ली के गलियारों से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने राजनीति के जानकारों से लेकर आम सोशल मीडिया यूजर्स तक सबको हैरान और चर्चा करने पर मजबूर कर दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद चंद्र पवार की कद्दावर नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र और देश की राजनीति में दलबदल और गठबंधन बदलने की अटकलें तेज हैं, जिसके चलते इस वीडियो को देख नेटीजन्स काफी कन्फ्यूज नजर आ रहे हैं।
संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इसी के मद्देनजर सरकार ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी सियासी घमासान और हंगामा देखने को मिला, यहां तक कि टीएमसी और शिवसेना यूबीटी जैसी विपक्षी पार्टियों ने वॉकआउट भी किया था। हालांकि, जैसे ही बैठक खत्म हुई, बाहर निकलते समय सुप्रिया सुले का आमना-सामना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुआ। सुप्रिया ने जैसे ही उन्हें देखा, उन्होंने झुककर उनके पैर छुए और सम्मान प्रकट किया। इस दौरान वहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे।
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। नेटीजन्स इस बात को लेकर उलझन में हैं कि क्या यह केवल एक वरिष्ठ नेता के प्रति सम्मान है या फिर पर्दे के पीछे कोई नई सियासी खिचड़ी पक रही है? दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं गरम थीं कि शरद पवार का गुट एनडीए में शामिल हो सकता है या फिर एनसीपी अजित पवार गुट के साथ उसका विलय हो सकता है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने शनिवार को ही इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि न तो भाजपा, न ही एनडीए के किसी सहयोगी दल और न ही कांग्रेस ने उनसे इस तरह के किसी प्रस्ताव के लिए संपर्क किया है।
भारतीय राजनीति में वैचारिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करने की परंपरा रही है। सुप्रिया सुले द्वारा राजनाथ सिंह के पैर छूने को कई लोग इसी शिष्टाचार का हिस्सा मान रहे हैं। लेकिन राजनीति में 'टाइमिंग' का बड़ा महत्व होता है। मॉनसून सत्र से ठीक पहले और गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस तरह का वीडियो सामने आना चर्चाओं को जन्म देता ही है।
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फिलहाल, सुप्रिया सुले ने साफ कर दिया है कि वह अपनी पार्टी की विचारधारा के साथ खड़ी हैं, लेकिन इस एक भावुक और सम्मानजनक वीडियो ने रविवार की सियासी शाम को बेहद 'रोचक' बना दिया है। अब देखना यह होगा कि मॉनसून सत्र के दौरान सदन के भीतर यह आपसी सम्मान बरकरार रहता है या फिर मुद्दों पर तीखी तकरार देखने को मिलती है।