Mahayuti Rift Nandurbar: महायुति के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर सामने आई है। शिवसेना शिंदे गुट के विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कारण ही भाजपा महाराष्ट्र में सत्ता में आई।
उन्होंने कहा कि शिंदे ने भाजपा को नई ताकत दी, वरना महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान भाजपा सत्ता से बाहर थी।
नंदुरबार में पत्रकारों से बातचीत में शिंदे गुट के विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने कहा कि महायुति सरकार तीन दलों की है और सत्ता पर तीनों की बराबर दावेदारी है। उन्होंने कहा कि शिंदे के राजनीतिक कदम के बाद ही भाजपा राज्य की सत्ता में आई। उनके इस बयान को भाजपा के लिए सीधे तौर पर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
रघुवंशी ने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री डॉ. विजयकुमार गावित पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिंदे के कारण ही गावित को मंत्री पद मिला और वे ढाई साल तक आदिवासी विकास मंत्री रहे। रघुवंशी के बयान से नंदुरबार में भाजपा और शिंदे गुट के बीच पुराने मतभेद फिर चर्चा में आ गए हैं। अब भाजपा की प्रतिक्रिया पर नजर है।
राज्य की राजनीति में महायुति और उसके सहयोगियों के बीच श्रेय लेने और राजनीतिक बढ़त बनाने को लेकर इस तरह के दावे और बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी महाविकास आघाड़ी के दौर से लेकर वर्तमान सरकार तक कई बार नेताओं द्वारा एक-दूसरे के वजूद और ताकत को चुनौती देने वाले बयान दिए जा चुके हैं।
हाल ही में शिवसेना ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी सत्तारूढ़ गठबंधन और संवैधानिक संस्थाओं पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जिस तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए एक साथ दिखाई देते हैं, उसी तरह तीनों चुनाव आयुक्त भी महज दिखावे के लिए साथ नजर आते हैं।
चंद्रकांत रघुवंशी के इस ताजा बयान के बाद अब राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों और स्पेक्यूलेशन का बाजार गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नंदुरबार जैसे स्थानीय स्तर पर शिवसेना शिंदे गुट और भाजपा के बीच वर्चस्व की यह लड़ाई आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति हो सकती है।