Sharad Pawar Eknath Shinde Secret Meeting: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जयंत पाटिल के साथ मुलाकात का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। उद्धव ठाकरे गुट में टूट के बाद हुई इस मुलाकात से राज्य में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई है।
यह सारा राजनीतिक खरमंडल बुधवार को विधान भवन में हुआ। शरद पवार अपनी पार्टी के विधायकों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने पहुंचे थे। इस बीच डिप्टी सीएम शिंदे कैबिनेट की बैठक छोड़कर शरद पवार से मिलने पहुंचे और दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई।
विनोद तावड़े और जयंत पाटिल की मुलाकात को लेकर शरद पवार की पार्टी का महायुति और एनडीए गठबंधन में शामिल होने का मुद्दा छाया हुआ है। इस बीच बुधवार को शरद पवार विधान भवन पहुंचे। वे पार्टी विधायकों के साथ डीसीएम शिंदे से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। शरद पवार के साथ विधायक जितेंद्र आव्हाड, जयंत पाटिल, उत्तम जानकर, रोहित पाटिल, अभिजीत पाटिल मौजूद थे।
बुधवार को मानसून सत्र के अलावा कैबिनेट बैठक भी थी। सूचना मिलते ही डीसीएम शिंदे कैबिनेट की बैठक छोड़कर सीधे शरद पवार से मिलने पहुंचे। दोनों ने एक दूसरे से कुछ चर्चा की, इसके बाद शिंदे कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए निकल गए। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, यह अभी सामने नहीं आ सका है लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
विधान भवन में आयोजित महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर हाई लेवल कमेटी की बैठक में शरद पवार पहुंचे थे। यह बैठक खत्म होने के बाद शरद पवार एकनाथ शिंदे से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे। शिंदे ने शरद पवार का स्वागत किया। इस बीच शरद पवार ने पार्टी विधायकों के साथ भी चर्चा की। वर्तमान में शरद पवार गुट के 8 सांसद और 10 विधायक हैं।
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बता दें कि पिछले दिनों महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की चर्चा जाेरों पर रही। उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। इसके बाद से महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शरद पवार की पार्टी में टूट की अटकलें लगाई जा रही थी। इस बीच शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने फिर एक बार चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।