संजय राउत का बंगाल चुनाव पर बयान (एआई फोटो) 
मुंबई

ममता दीदी राहुल गांधी की बात मानतीं, तो नतीजा कुछ और होता, संजय राउत का बंगाल हार पर बड़ा दावा

West bengal Results: संजय राउत ने ममता बनर्जी को बंगाल हार का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बात न मानना भारी पड़ा और चुनाव आयोग ने बंगाल-तमिलनाडु के चुनाव चुराए हैं।

गोरक्ष पोफली

Sanjay Raut On Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजों ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। इन परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति के लिए ममता बनर्जी की जिद जिम्मेदार है।

राहुल गांधी की दूरदृष्टि और ममता की भूल

संजय राउत ने राहुल गांधी के नेतृत्व और उनकी राजनीतिक समझ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, राहुल गांधी एक दूरदर्शी नेता हैं और उनका विजन बिल्कुल सही साबित हुआ है। उन्होंने जो कुछ भी भविष्यवाणी की थी, वह आज सच हो गई है। यह ममता दीदी का एक गंभीर अपराध है कि उन्होंने राहुल गांधी की बात नहीं मानी। यदि ममता दीदी समय रहते राहुल गांधी के साथ बैठकर चर्चा करतीं और INDIA गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़तीं, तो आज पश्चिम बंगाल के नतीजे कुछ और ही होते। राउत के अनुसार, विपक्ष की एकता ही भाजपा को रोकने का एकमात्र रास्ता था, लेकिन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण यह मौका हाथ से निकल गया। उन्होंने राहुल गांधी को एक ऐसा नेता बताया जो आने वाले समय की आहट को पहले ही पहचान लेते हैं।

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

केवल चुनावी रणनीतियों पर ही नहीं, बल्कि संजय राउत ने देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कहा कि इन राज्यों में चुनाव चोरी किए गए हैं।

राउत ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को चुनाव आयोग ने पूरी तरह से हाइजैक कर लिया है। इन राज्यों में मतदाताओं के जनादेश के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि जहाँ विपक्ष मजबूत था, वहाँ प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।

विपक्ष के लिए आत्ममंथन का समय

संजय राउत का यह बयान विपक्षी खेमे के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर करता है। उनका मानना है कि अगर भविष्य में भाजपा का मुकाबला करना है, तो सभी क्षेत्रीय क्षत्रपों को अपने मतभेद भुलाकर राहुल गांधी के विजन पर भरोसा करना होगा। राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर विपक्षी दल एक-दूसरे की बात नहीं मानेंगे, तो लोकतंत्र को बचाना मुश्किल हो जाएगा। बंगाल की हार को उन्होंने एक 'सबक' के रूप में देखने की सलाह दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग तेज, सीजेपी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

M3M Hurun Rich List 2026: भारत के टॉप 10 अमीर कारोबारी, जानें किसकी कितनी संपत्ति

ग्लोबल हेल्थ मीटिंग में भारत ने छोड़ी छाप, प्राइमरी से लेकर टर्शियरी केयर तक का मॉडल दुनिया को दिखाया

Women Helplines: महिला सुरक्षा के लिए सरकार की 10 सुविधाएं, हेल्पलाइन से कानूनी मदद तक; जानें कहां मिलेगी मदद