Rohit Pawar Criticizes PM Modi: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और ईंधन की बचत करने की भावुक अपील की है। हालांकि, पीएम मोदी की इस सलाह पर विपक्षी खेमे, विशेषकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधायक रोहित पवार ने पीएम मोदी के इस आह्वान को आगामी 'महंगाई के संकेत' के रूप में देखते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन की बचत करना एक राष्ट्रीय आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी पद्धतियों को फिर से अपनाया जाए ताकि सड़कों पर वाहनों का आवागमन कम हो। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने यहां तक सलाह दी कि शादियों के लिए फिलहाल एक साल तक सोने की खरीदारी से बचा जाए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो सके।
पीएम मोदी के इस बयान पर रोहित पवार ने ट्विटर (X) के जरिए जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह मशवरा अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत खुद केंद्र सरकार और बीजेपी शासित राज्यों से होनी चाहिए। रोहित पवार ने अपने ट्वीट में लिखा, तेल कम खाएं, पेट्रोल-डीजल बचाएं... प्रधानमंत्री मोदी साहब ने देश को यह सलाह दी है। आज की युद्धजन्य स्थिति में यह सलाह भले ही सही लगे, लेकिन इसकी शुरुआत केंद्र सरकार और बीजेपी शासित राज्यों से हो तो ज्यादा बेहतर होगा।
रोहित पवार यहीं नहीं रुके, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और बीजेपी शासित राज्यों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावों में 'पानी की तरह पैसा बहाने' के बाद अब सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि
रोहित पवार ने स्पष्ट कहा कि अगर सरकार अपनी इन फिजूलखर्चियों को रोक दे, तो शायद आम जनता को बचत करने की नौबत ही न आए।
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रोहित पवार ने एक बड़ा अंदेशा जताते हुए जनता को सतर्क किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनावों के खत्म होते ही प्रधानमंत्री का यह बचत का आह्वान, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाली भारी बढ़ोतरी का संकेत है? अक्सर देखा गया है कि चुनाव खत्म होने के बाद ईंधन की कीमतों में इजाफा होता है, और रोहित पवार के अनुसार, पीएम का यह बयान उसी की प्रस्तावना हो सकता है।
अंत में, उन्होंने विदेश नीति पर भी सरकार को घेरा। रोहित पवार ने कहा कि सरकार को सभी दलों को विश्वास में लेकर एक ऐसी विदेश नीति बनानी चाहिए जिससे देश आर्थिक संकट में न फंसे। फिलहाल, रोहित पवार के इस पलटवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।