Rohit Pawar Aaditya Thackeray SRA Meet: मुंबई स्थित स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के बांद्रा कार्यालय में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे की अचानक मुलाकात हो गई। दोनों युवा नेता अलग-अलग जनसमस्याओं और एसआरए से जुड़े मुद्दों को लेकर पहुंचे थे।
इस संयोगवश हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) महेंद्र कल्याणकर से मुलाकात की और मुंबई में 5 से 10 वर्षों से अटकी पड़ी पुनर्विकास परियोजनाओं व अन्नाभाऊ साठे स्मारक से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
एसआरए सीईओ से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विधायक रोहित पवार ने एसआरए प्रशासन और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ली स्थित एट्रिया मॉल के पास नालों व एसटीपी (STP) और बगीचों के लिए आरक्षित 10,000 वर्ग फुट जमीन को अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर बिल्डर को सौंप दिया।
रोहित पवार के मुताबिक, इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 5,000 करोड़ है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में संलिप्त दो कार्यकारी अभियंताओं (मितकर और पाटिल) को निलंबित करने का आदेश फरवरी में ही दिया था, लेकिन अभी तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
रोहित पवार ने एसआरए सीईओ के सामने प्रमुखता से मांग उठाई कि जिन झुग्गीवासियों की परियोजनाएं पिछले 5 से 10 वर्षों से रुकी हुई हैं, उनका बकाया किराया बिल्डरों से तत्काल वसूला जाए। उन्होंने बताया कि किराया न मिलने से आम नागरिक दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी पत्र लिखा गया है। रोहित पवार ने एसआरए आयुक्त को दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
बैठक के दौरान आदित्य ठाकरे और रोहित पवार ने अन्नाभाऊ साठे स्मारक के आसपास फैली झुग्गी बस्ती के निवासियों के समुचित पुनर्वास को लेकर भी अधिकारियों से बात की। दोनों नेताओं ने मांग की कि स्मारक परिसर की जमीन का अधिग्रहण कर वहां के रहवासियों को उपयुक्त और सुरक्षित स्थान पर एसआरए के तहत पक्के मकान दिए जाएं। एसआरए कार्यालय में दोनों विपक्षी नेताओं की इस एकजुटता और साझा रुख ने मुंबई के पुनर्विकास मुद्दों पर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर भारी दबाव बना दिया है।