केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (सोर्स: IANS)
मुंबई

Disha Salian Case: CBI जांच पर रामदास आठवले का समर्थन, बोले- बड़े नेता का बेटा भी दोषी हो तो करें कार्रवाई

Ramdas Athawale On Disha Salian Case: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इस केस में CBI जांच का समर्थन किया। बोले- अगर किसी बड़े नेता का बेटा भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

आलोक उमाकृष्ण

CBI Probe In Disha Salian Death Case: दिशा सालियन मौत मामले में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने CBI जांच का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और अगर किसी बड़े नेता का बेटा भी इसमें शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

आठवले ने साफ किया कि जांच में किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। दिशा सालियन की मौत की परिस्थितियों को लेकर उनके परिवार की ओर से लगातार जांच की मांग की जाती रही है।

दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होनी चाहिए

रामदास आठवले ने अपने बयान में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक या प्रभावशाली परिवार से संबंध उसे जांच से बाहर नहीं कर सकता। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कदम उठाया जाना चाहिए।

पहले भी जांच की मांग कर चुके हैं आठवले

दिशा सालियन मामले में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले इससे पहले भी निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने कहा था कि दिशा के पिता सतीश सालियन की ओर से की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच होनी चाहिए। आठवले का कहना था कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आना जरूरी है और जांच किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि मामले का इस्तेमाल किसी नेता या राजनीतिक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनका जोर तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई पर रहा है।

CBI जांच से सामने आएगा सच?

दिशा सालियन की मौत का मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच का रास्ता साफ हुआ और मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।

रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट के सामने शुरुआती जांच को लेकर कुछ सवाल और विसंगतियां उठाई गई थीं। अब CBI से मामले की परिस्थितियों और इससे जुड़े आरोपों की गहराई से जांच की उम्मीद है।

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