GM Rajeev Shrivastava Takes Charge: भारतीय रेलवे में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। इंडियन रेलवे इंजीनियरिंग सर्विस (IRSE) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने आधिकारिक तौर पर मध्य रेल के नए महाप्रबंधक (GM) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले इस पद का अतिरिक्त प्रभार प्रतीक गोस्वामी संभाल रहे थे, लेकिन अब मध्य रेलवे को एक पूर्णकालिक नेतृत्व मिल गया है।
राजीव श्रीवास्तव रेलवे जगत में अपनी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में M.Tech की डिग्री हासिल की है। उनके पास भारतीय रेल के विभिन्न विभागों और क्षेत्रों में काम करने का 34 वर्षों से अधिक का लंबा और प्रदीर्घ अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण कार्यों में मानी जाती है।
अपने विशिष्ट करियर के दौरान, श्रीवास्तव ने भारतीय रेल के कई महत्वपूर्ण जोनों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने उत्तर रेलवे, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे में विभिन्न उच्च पदों पर कार्य किया है। मध्य रेल के जीएम का पद संभालने से पहले, वे उत्तर पश्चिम रेलवे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) के चुनौतीपूर्ण पद पर तैनात थे।
गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम रेलवे (Western Railway) के जीएम पद पर भी रामाश्रय पांडेय की नियुक्ति की गई थी। अब मध्य रेल में राजीव श्रीवास्तव की नियुक्ति के साथ ही मुंबई स्थित दोनों प्रमुख रेलवे मुख्यालयों (सीएसएमटी और चर्चगेट) को नया नेतृत्व मिल गया है।
यह भी पढ़ें:- CSR Trends India: 30,000 करोड़ सीएसआर पर खर्च करती हैं कंपनियां, अब छोटे शहरों पर भी फोकस
मध्य रेलवे भारत के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में से एक है। उपनगरीय लोकल ट्रेनों से लेकर लंबी दूरी की ट्रेनों के सुचारू संचालन और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की बड़ी जिम्मेदारी अब राजीव श्रीवास्तव के कंधों पर होगी। रेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनके निर्माण और इंजीनियरिंग अनुभव का लाभ मुंबई के आगामी रेल प्रोजेक्ट्स और सुरक्षा प्रणालियों को मिलेगा।