Priyanka Chaturvedi Chitra Wagh Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में 'तस्वीरें' अक्सर बड़े सियासी बदलावों का संकेत देती हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की प्रखर नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की भाजपा नेता चित्रा वाघ के साथ एक ताजा तस्वीर ने सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने और पार्टी द्वारा दोबारा उम्मीदवार न बनाए जाने के बाद से ही प्रियंका की नाराजगी की खबरें चर्चा में थीं, जिसे इस मुलाकात ने और हवा दे दी है।
हाल ही में खबर आई थी कि राज्यसभा टिकट को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत के बीच उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में तीखी बहस हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में चित्रा वाघ का उनके घर जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने लिखा कि आगामी 16-18 अप्रैल 2026 तक संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण) के संशोधनों पर बहस होनी है। इसी सिलसिले में चित्रा वाघ एक 'शिष्टाचार भेंट' (Courtesy Visit) के तौर पर समर्थन मांगने उनके घर आई थीं।
प्रियंका ने पोस्ट में लिखा, "हमने जेंडर इक्विटी और गवर्नेंस में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व पर चर्चा की। भले ही बिल में देरी को लेकर मेरी शंकाएं हों, लेकिन मैं उन सुधारों के साथ हूँ जो महिलाओं को उनकी आवाज दिलाने में मदद करें।"
प्रियंका के स्पष्टीकरण के बावजूद नेटिजन्स इसे उनके अगले राजनीतिक कदम से जोड़कर देख रहे हैं। Tree (@Trees_of_India) नामक एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "पहले कांग्रेस, फिर शिवसेना यूबीटी और अब बीजेपी की तरफ अग्रसर।" कई यूजर्स का मानना है कि राज्यसभा टिकट न मिलना प्रियंका के लिए 'ब्रेकिंग पॉइंट' साबित हो सकता है।
प्रियंका चतुर्वेदी का राजनीतिक करियर 2010 में कांग्रेस से शुरू हुआ था, जहाँ उन्होंने युवा कांग्रेस की महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पहचान बनाई। 2019 में कांग्रेस छोड़कर उन्होंने शिवसेना का दामन थामा और राज्यसभा पहुँचीं। अब 16 साल के करियर में एक बार फिर बदलाव की सुगबुगाहट है। हालांकि, बीजेपी या प्रियंका की ओर से आधिकारिक तौर पर पार्टी बदलने की कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीति में 'टाइमिंग' ही सब कुछ होती है।