Mumbra Train Accident: मुंबई में 9 जून को मुंब्रा और दिवा स्टेशनों के बीच हुए ट्रेन हादसे की जांच रिपोर्ट तीन माह बाद सामने आई है, जिसमें हादसे का कारण स्पष्ट किया गया है। सेंट्रल रेलवे अधिकारियों की जांच समिति ने पुष्टि की है कि कर्जत-बाउंड लोकल के फुटबोर्ड पर यात्रा कर रहे एक यात्री के भारी काले बैग के कारण यह दुर्घटना हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, सीएसएमटी-बाउंड ट्रेन अत्यधिक भीड़ वाली थी और कई यात्री फुटबोर्ड पर खड़े थे। उसी समय कर्जत-बाउंड ट्रेन के फुटबोर्ड पर खड़े यात्री का बैग दूसरी ट्रेन के संपर्क में आया। इस टकराव को जांचकर्ताओं ने "डोमिंगो निनो प्रभाव" बताया, जिससे यात्री गिर गए और पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए।
जांच में यह भी सामने आया कि हादसा स्थल पर किसी प्रकार का संरचनात्मक दोष नहीं था। ट्रैक की चौड़ाई 4,400 मिमी पाई गई, जबकि मानक 4,265 मिमी है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि कोच आपस में टकराने के कारण हादसा नहीं हुआ। कुर्ला कार शेड में किए गए निरीक्षण में कोच 5341A के दरवाजे और ग्रिल क्षेत्र पर घर्षण के निशान मिले, जो सीधे टकराव की पुष्टि करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कर्जत-बाउंड ट्रेन में अंदर पर्याप्त जगह थी। बावजूद इसके यात्री ने फुटबोर्ड पर यात्रा करना चुना, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। प्रतिदिन इस सेक्शन से लगभग 160 ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन इस प्रकार की घटना पहले नहीं हुई थी।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि फुटबोर्ड पर यात्रा करना ही इस हादसे की मुख्य वजह रही। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया है कि भीड़ वाली ट्रेनों में फुटबोर्ड पर खड़ा होने से बचें और अपने सामान का ध्यान रखें।
मुंब्रा हादसा यह याद दिलाता है कि यात्रियों की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। रेलवे की सुरक्षा नियमों का पालन करना और व्यक्तिगत सतर्कता बरतना ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकता है।