Mumbai Teachers FIR Over BLO News: एक तरफ राज्य सरकार और बीएमसी मुंबई में अवैध स्कूलों पर ताला लगाकर बच्चों का भविष्य संवारने और शिक्षा माफियाओं पर नकेल कसने का दावा कर रही है।
वहीं दूसरी तरफ, सरकार की ही एक अन्य नीति के कारण वैध और सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। दरअसल, चुनाव आयोग ने मुंबई के करीब पांच दर्जन मान्यता प्राप्त स्कूलों के 100 से अधिक शिक्षकों (बीएलओ) के खिलाफ मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। इस कार्रवाई से नाराज शिक्षकों ने अब अदालत का रुख किया है और सवाल पूछा है कि वे स्कूलों में बच्चों का भविष्य संवारें या चुनावी ड्यूटी करें?
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एसआईआर में लापरवाही से काम करने के आरोप में सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूल के शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज हो रही है। लेकिन इसकी असली सजा उन मासूम बच्चों को मिल रही है, जिनकी कक्षाएं खाली पड़ी हैं।
इस शिक्षक-प्रशासनिक खींचतान का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इन स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। फिर भी बचे हुए शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों में झोंक दिया जा रहा है। ऐसे में माता-पिता पूरी तरह कन्फ्यूज हैं कि आखिर उनके बच्चे पढ़ें तो कहां पढ़ें?