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Mumbai Metro Line: मुंबई मेट्रो 4 और 4A के लिए पहली ड्राइवरलेस ट्रेन तैयार, दिसंबर तक पहुंचने की उम्मीद

Mumbai Metro: फ्रांसीसी कंपनी एल्स्टॉम ने मुंबई मेट्रो लाइन 4 और 4A के लिए देश की पहली ड्राइवरलेस ट्रेन का अनावरण किया है। यह आधुनिक ट्रेन दिसंबर तक मुंबई पहुंचेगी और ठाणे-वडाला मार्ग पर दौड़ेगी।

रूपम सिंह

Highlights

  • मुंबई मेट्रो 4 और 4A के लिए देश की पहली ड्राइवरलेस ट्रेन का अनावरण।

  • 39 ट्रेन सेट का ऑर्डर, पहली ट्रेन दिसंबर तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद।

  • ट्रेन में 80 किमी/घंटा की रफ्तार, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और साइकिल स्पेस की सुविधा।

MMRDA Metro Line 4 Project: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मेट्रो नेटवर्क में जल्द ही एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। फ्रांसीसी रेल निर्माता कंपनी एल्स्टॉम ने मुंबई मेट्रो 4 एवं 4A के लिए देश की पहली अत्याधुनिक ड्राइवरलेस (बिना ड्राइवर के संचालित होने वाली) मेट्रो ट्रेन का अनावरण कर दिया है। 'मेक इन इंडिया' के तहत आंध्र प्रदेश के श्री सिटी कारखाने में महज 14 महीनों के रिकॉर्ड समय में तैयार यह ट्रेन कुल 39 ट्रेन सेट के बड़े ऑर्डर का हिस्सा है।

80 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और भारत में पहली बार साइकिल के लिए समर्पित स्पेस जैसी खासियतों से लैस यह मेट्रो शहर के सार्वजनिक परिवहन को एक नई और आधुनिक दिशा देगी। सूत्रों के मुताबिक ड्राइवरलेस पहली मेट्रो दिसंबर महीने तक मुंबई पहुंच जाएगी।

मेट्रो लाइन 4 एक एलिवेटेड लाइन है जिसमें 30 स्टेशन हैं, जो ठाणे शहर के कासरवडवली से वडाला क्षेत्र के भक्ति पार्क तक वाली है। लाइन 4ए में 2.7 किलोमीटर की दूरी में दो और स्टेशन जोड़े गए हैं, जो कसारवडवली से गायमुख तक जाती है। कसारवडवली से ठाणे के कैडबरी जक्शन तक इस साल के दिसंबर महीने से सेवा करने की योजना एमएमआरडीए की है।

फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय कंपनी एल्स्टॉम ने मुंबई महानगर की मेट्रो लाइन 4 और 4A के लिए अत्याधुनिक 'मेट्रोपोलिस' ट्रेन का निर्माण कर रही है। एमएमआरडीए ने ट्रेन 39 ड्राइवरलेस (चालक रहित) ट्रेन सेट तैयार करने का आर्डर कंपनी को दिया है।

जिसके तहत आंध्र प्रदेश के श्री सिटी स्थित कारखाने में तैयार की गई पहली ट्रेन का अनावरण पिछले दिनों किया गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के तहत सिस्टम इंटीग्रेशन की जिम्मेदारी लार्सन एंड टुब्रो के पास है।

आधुनिक सुविधाएं और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन

मेट्रो की इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूरी तरह से भारतीय विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ना है। ट्रेन का डिजाइन कर्नाटक के बेंगलुरु में तैयार किया गया है, जबकि इसका अंतिम असेंबली कार्य श्री सिटी (आंध्र प्रदेश) में हुआ है।

इसके अलावा, इसके ट्रैक्शन सिस्टम कोयंबटूर (तमिलनाडु) और बोगियां सावली (गुजरात) के प्लांट में निर्मित की गई हैं। नई मेट्रो ट्रेनों को टिकाऊ गतिशीलता के सिद्धांतों पर तैयार किया गया है, जिसकी झलक इसके बाहरी हिस्से में चुनी गई हरी और नीली थीम में मिलती है।

इन ट्रेनों को 90 किमी/घंटा तक की गति के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इनका संचालन 80 किमी/घंटा की अधिकतम गति से किया जाएगा। स्थानीय मौसम के अनुकूल उन्नत कूलिंग और वेंटिलेशन सिस्टम के साथ-साथ दिव्यांगों और व्हीलवेयर यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए है।

भारत में एल्स्टॉम द्वारा आपूर्ति की जाने वाली ट्रेनों में पहली बार यात्रियों के लिए समर्पित साइकिल स्पेस की सुविधा दी गई है, जिससे यात्री मेट्रो और साइकिल यात्रा का बेहतरीन तालमेल बिठा सकें।

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