Mumbai Manhole Accident Amit Satam Viral Video: आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों मानसून की मार और प्रशासनिक लापरवाही की दोहरी मार झेल रही है। हाल ही में दो दर्दनाक हादसों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पहले एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय मासूम बच्चे की जान चली गई, और उसके ठीक बाद 2 जुलाई को साकीनाका इलाके में एक 55 वर्षीय बुजुर्ग की 25 फीट गहरे खुले मैनहोल में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई।
जहां इन हादसों ने मुंबईवासियों को शोक और गुस्से में डाल दिया है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के असंवेदनशील व्यवहार ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
सोशल मीडिया पर भाजपा के मुंबई अध्यक्ष और विधायक अमित साटम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने नेटिजन्स और विपक्षी दलों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस वीडियो में साटम विपक्षी नेता जयंत पाटील के साथ बातचीत के दौरान इन मौतों का जिक्र करते हुए हंसते हुए नजर आ रहे हैं। उन्हें यह कहते सुना जा सकता है, साहेब, कल पेड़ पर था, आज मैनहोल हो गया। उनके चेहरे पर यह मुस्कान उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदनहीनता को दर्शाती है जिन्होंने अपनों को खोया है। नेटिजन्स ने साटम की इस हंसी को 'दानवी अट्टहास' करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने साकीनाका हादसे के मृतक के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। पवार ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद मीडिया से कहा कि यह घटना पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, क्योंकि खुले मैनहोल के पास न तो कोई सुरक्षा घेरा था और न ही कोई चेतावनी का संकेत।
पवार ने बीएमसी द्वारा केवल चार निचले स्तर के अधिकारियों पर की गई कार्रवाई को दिखावा बताया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में अपर लेवल अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए। उन्होंने अमित साटम के व्यवहार की भी कड़ी निंदा की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार इंसान को कितना निष्ठुर बना देता है। पवार ने पीड़ित परिवार की ओर से मांग रखी कि मृतक के बेटे को महानगर पालिका में सरकारी नौकरी दी जाए।
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शिवसेना ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इन मौतों को लापरवाही के कारण हुई हत्या करार दिया और भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। कांग्रेस की भावना शर्मा जैन और हर्षवर्धन सपकाल ने भी साटम की आलोचना करते हुए कहा कि जब पूरा शहर शोक में है, तब सत्ता में बैठे लोग अहंकार में डूबे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और वह इस अपमान का बदला आने वाले समय में जरूर लेगी।
यह पूरी घटना मुंबई के बुनियादी ढांचे की खस्ताहाली और सत्ताधारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां एक तरफ आम नागरिक अपनी जान गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेताओं का यह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है।