घटना के बाद यात्रियाें ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई लोकल में खौफनाक वारदात: लेडीज डिब्बे में घुसे शख्स ने 18 साल की छात्रा को चलती ट्रेन से फेंका

Mumbai Local Train Incident: मुंबई लोकल में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पनवेल-खंडेश्वर के बीच महिला कोच में घुसे आरोपी ने बहस के बाद 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।

आकाश मसने

Girl Thrown Out Of Local Train : मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सुबह के समय लेडीज कोच में अवैध रूप से घुसे एक शख्स ने मामूली बहस के बाद 18 वर्षीय छात्रा को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

यह चौंकाने वाली वारदात सुबह करीब 8:00 बजे पनवेल और खंडेश्वर रेलवे स्टेशनों के बीच घटित हुई। उस समय एक 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) जाने वाली लोकल ट्रेन के महिला डिब्बे में सफर कर रही थी।

क्या है मामला?

इसी दौरान, 50 वर्षीय शेख अख्तर नवाज जबरन महिला कोच में चढ़ गया। जब डिब्बे में मौजूद अन्य महिलाओं ने उसे नियमों का हवाला देते हुए नीचे उतरने के लिए कहा, तो वह उनसे उलझ गया और तीखी बहस शुरू कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर छात्रा को पीछे से एक जोरदार धक्का दे दिया। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण छात्रा अपना संतुलन खो बैठी और सीधे पटरियों पर जा गिरी।

छात्रा को आई गंभीर चोटें

पटरियों पर गिरने के कारण लड़की के सिर, कमर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। इतनी गंभीर स्थिति में भी छात्रा ने साहस का परिचय दिया और तुरंत अपने पिता को फोन करके पूरी घटना और अपनी चोटों के बारे में जानकारी दी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

यात्रियों ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अख्तर नवाज खंडेश्वर स्टेशन पर उतरकर भागने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, वहां मौजूद सतर्क यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा और रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया।

पनवेल रेलवे पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी शेख अख्तर नवाज को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विजय तायडे द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी का कोई परिवार या रिश्तेदार नहीं है और वह अकेला रहता है।

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, जिसके कारण वह अक्सर यहां-वहां घूमता रहता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसी मानसिक स्थिति की वजह से उसने इस खौफनाक कृत्य को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई और कारण था।

यह विचलित करने वाली घटना सुरक्षा व्यवस्था में एक ऐसे बड़े छेद की तरह है, जहां एक अनियंत्रित तत्व न केवल एक मासूम की जान खतरे में डाल देता है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के सुरक्षित महसूस करने के भरोसे को भी चकनाचूर कर देता है।

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