Mumbai Crime Branch Kolkata Shibpur Firing Case: यह पूरा मामला 7 मई 2026 को कोलकाता के हावड़ा जिला अंतर्गत आने वाले शिबपुर इलाके में हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है। दोपहर के करीब ढाई से तीन बजे के बीच अचानक 100 से 150 असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों की एक उग्र भीड़ ने शिबपुर इलाके पर धावा बोल दिया था। इस पूरी भीड़ का नेतृत्व शमीम अहमद उर्फ 'बोरे' और उसके खास गुर्गे आफताब अनवर व जमील अख्तर कर रहे थे। इन लोगों ने इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने और दहशत फैलाने के लिए खुलेआम बमबाजी की और अंधाधुंध राउंड फायरिंग की थी। इस अचानक हुए हमले में शिकायतकर्ता समेत दो से तीन स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद पूरे हावड़ा में तनाव फैल गया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल पुलिस को चकमा देकर राज्य से बाहर भाग निकले। कोलकाता पुलिस लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इस बीच आरोपियों ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को अपना नया ठिकाना बनाया और यहाँ के देवनार इलाके की एक बहुमंजिला इमारत में छिप गए।
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-6 के प्रभारी अधिकारी भरत घोणे को एक गुप्त मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कोलकाता फायरिंग के तीन मोस्ट वांटेड अपराधी देवनार स्थित एकता एसआरए (SRA) बिल्डिंग की आठवीं मंजिल पर नाम बदलकर रह रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक स्पेशल टीम का गठन किया, जिसमें पीएसआई (PSI) राहणे, डब्ल्यूपीएसआई (WPSI) माशेरे, पीएसआई बेलनेकर और पीएसआई नार्वेकर को शामिल किया गया। टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए इमारत की घेराबंदी की और कमरा नंबर 807 में अचानक छापा मारकर तीनों आरोपियों को बिना किसी प्रतिरोध के दबोच लिया।
पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों की पहचान शमीम अहमद अब्दुल रशीद उर्फ बोरे (40), जमील अख्तर अख्तर अली (43) और आफताब अनवर खुर्शीद अनवर (44) के रूप में हुई है। ये तीनों ही मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शिबपुर के रहने वाले हैं और इनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में तीनों ने कबूल किया है कि वे हावड़ा में दर्ज एफआईआर (FIR) के डर से और गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई भाग आए थे।
मुंबई क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई में पकड़े गए इन तीनों आरोपियों की मेडिकल जांच करा ली गई है और स्थानीय अदालत से उनकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की जा रही है। कोलकाता की शिबपुर पुलिस की एक टीम पहले ही मुंबई के लिए रवाना हो चुकी है। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा, ताकि वहां की अदालत में उन्हें पेश कर इस फायरिंग और बमबारी के पीछे की असली राजनैतिक या व्यक्तिगत रंजिश का पर्दाफाश किया जा सके।