बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में क्राइम ब्रांच ने शूटर को किया गिरफ्तार, हत्यारों ने बनाया था प्लान बी

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक और सफलता मिली है, जहां मुंबई क्राइम ब्रांच ने शूटर की गिरफ्तारी की है। इस बार मुंबई क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और खुलासा किया है, जहां आरोपियों के प्लान बी होने का भी पता चला है।

प्रिया जैस

मुंबई: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और गिरफ्तारी की है। इस बार मुंबई क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में जड़े गौरव विलास अपुने नामक एक शूटर को गिरफ्तार किया है।

इस हत्याकांड में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह द्वारा प्लान बी बनाया गया था। प्लान बी में शूटर के रूप में शामिल गौरव विलास फायरिंग की प्रैक्टिस भी कि थी, जिसके लिए गौरव विलास झारखंड में फायरिंग की प्रैक्टिस करने गया था।

पूछताछ में पता चला कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अगर प्लान ए कामयाब न हो सका तो इसे प्लान बी के रूप में बैकअप के तौर पर तैयार रखा था। इसके अलावा, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक रूपेश मोहोल भी फायरिंग की प्रैक्टिस करने के लिए अपुने के साथ ही झारखंड गया था।

हथियारों के साथ प्रैक्टिस के लिए भेजा

क्राइम ब्रांच की आगे की पूछताछ में पता चला कि बाबा हत्याकांड के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने 28 जुलाई को मोहोल और गौरव विलास अपुने दोनों को जरूरी हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हथियारों के साथ झारखंड में प्रैक्टिस के लिए भेजा था।

मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, दोनों ने झारखंड में एक दिन तक फायरिंग का अभ्यास किया था और 29 जुलाई को पुणे लौटे, जिसके बाद वे शुभम लोनकर के संपर्क में आए। मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी झारखंड में उस सटीक स्थान का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अभ्यास किया गया था। आगे की जांच जारी है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

CJP Protest LIVE: अभिजीत दिपके को मिली जमानत, रिहा होने के बाद आई पहली प्रतिक्रिया

Kal Ka Mausam: तमिलनाडु से केरल तक बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP में कैसा रहेगा मौसम? पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

कांग्रेस ने बुक किया रामलीला मैदान, बड़े आंदोलन की तैयारी; दिल्ली पुलिस से भी मिली परमिशन

CJP चीफ अभिजीत दिपके को SEM कोर्ट से मिली जमानत, अब किन शर्तों का करना होगा पालन?

सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी: इंटरनेट का प्रयोग सभी का मौलिक अधिकार, इसमें बच्चे भी शामिल