Mumbai BMC Budget 2026-27 Approved: एशिया की सबसे समृद्ध महानगरपालिका मानी जाने वाली बीएमसी के वर्ष 2026-27 के लिए 80,952 करोड़ रुपये के बजट को गुरुवार देर रात आखिरकार मंजूरी दे दी गई।
लगातार 12 दिनों और रिकॉर्ड 94 घंटे तक चली लंबी चर्चा के बाद, आयुक्त अश्विनी भिडे और महापौर रितु तावड़े के भाषणों के उपरांत रात 1 बजे इस बजट पर अंतिम मुहर लगी।
हालांकि, निधियों के असमान वितरण का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया, जिससे अंतिम क्षणों में सदन में राजनीतिक टकराव भी देखने को मिला। इस वर्ष चुनावों के कारण बजट प्रक्रिया में देरी हुई। हर साल 4 फरवरी को प्रस्तुत किया जाने वाला बजट इस बार 20 दिन की देरी से स्थायी समिति के समक्ष रखा गया।
इसके बाद 6 अप्रैल को स्थायी समिति की मंजूरी मिलने पर 15 अप्रैल से इसे महासभा में चर्चा के लिए पेश किया गया। 30 अप्रैल की मध्यरात्रि को अंततः बजट के आय पक्ष को मंजूरी दी गई सामान्यतः नया बजट 1 अप्रैल से लागू होता है, लेकिन इस बार पूरी प्रक्रिया में देरी के कारण मुंबईवासियों को नए बजट के लिए एक महीने का इंतजार करना पड़ा। इस बार की चर्चा की सबसे बड़ी खासियत बीएमसी के कामकाज का 'लाइव प्रसारण रहा। मुंबई महानगरपालिका के इतिहास में पहली बार बजट पर चर्चा का यूट्यूब के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। इससे मुंबईवासियों को यह देखने का मौका मिला कि उनके क्षेत्र के नगरसेवक किन मुद्दों को उठा रहे हैं और बजट पर उनकी कितनी तैयारी है। इस लंबी वर्चा में 188 नगरसेवकों ने भाग लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों पर विचार रखे।
चर्चा के दौरान सदन के नेता गणेश खणकर, स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, शिवसेना गुटनेता अमेय घोले और विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर सहित सभी दलों के पार्षद मौजूद रहे। सुबह 11 बजे से लेकर देर रात तक चलने वाले इस कामकाज के लिए बीएमसी के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी तरह तैनात रहे।
चर्चा के समापन पर महापौर रितु तावड़े ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुंबई के हर कोने से आकर देर रात तक उत्साह और तैयारी के साथ सुझाव रखने वाले नगरसेवकों के कारण ही यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया सफल हो सकी।
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