मुंबई बेंगलुरु स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस देरी  सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का बढ़ा इंतजार, आचार संहिता के कारण ट्रेन के उद्घाटन में हुई देरी

Indian Railways Update: मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत में विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण देरी हो रही है। आचार संहिता खत्म होने के बाद ट्रेन शुरू होने की उम्मीद है।

रूपम सिंह

Highlights

  • मुंबई-बेंगलुरु स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत में देरी।

  • विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता बनी वजह।

  • नई ट्रेन से 22 घंटे के सफर का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद।

Mumbai Bengaluru Sleeper Vande Bharat Express Delay: मुंबई से बेंगलुरु के बीच रात का सफर आरामदायक और तेज बनाने वाली प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण ट्रेन की शुरुआत में देरी होने की बात सामने आई है। नई सेवा शुरू होने की उम्मीद अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद जताई जा रही है।

इस ट्रेन के शुरू होने से मुंबई और बेंगलुरु के बीच नौकरी, कारोबार और पर्यटन के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को नया विकल्प मिल सकता है। रात में सफर कर सुबह गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा इस सेवा की प्रमुख खासियत होगी।

22 घंटे के सफर का मिल सकता है विकल्प

फिलहाल मुंबई-बेंगलुरु मार्ग पर चलने वाली उद्यान एक्सप्रेस से यात्रा में करीब 22 घंटे लगते हैं। उपलब्ध समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन मुंबई से सुबह 7.55 बजे रवाना होती है और अगले दिन सुबह करीब 6 बजे बेंगलुरु पहुंचती है। ऐसे में यात्रियों को सफर का लंबा समय ट्रेन में बिताना पड़ता है।

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रियों को रात में यात्रा करने और सुबह अपनी मंजिल पर पहुंचने का विकल्प मिल सकता है। इससे समय का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। खासकर नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।

आचार संहिता खत्म होने के बाद सेवा पर नजर

ट्रेन की शुरुआत में देरी की वजह विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता बताई जा रही है। इसके समाप्त होने के बाद ही सेवा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ट्रेन की निश्चित उद्घाटन तिथि, परिचालन समय-सारिणी, किराया और ठहराव से संबंधित आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

नई ट्रेन को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं, लेकिन जब तक रेलवे की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक शुरुआत की तारीख को निश्चित नहीं माना जा सकता। फिलहाल मुंबई और बेंगलुरु के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मौजूदा रेल सेवाओं पर ही निर्भर रहना होगा।

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