परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक  सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

पहले नोटिस, 3 माह बाद बैज सस्पेंड? मुंबई ऑटो चालकों को व्यावहारिक मराठी सिखाने का अभियान रहेगा जारी

Mumbai Auto Taxi Marathi Language Training: मुंबई में ऑटो चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का प्रशिक्षण जारी रहेगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि मराठी न सीखने पर बैज सस्पेंड होगा।

रूपम सिंह

Transport Minister Pratap Sarnaik Press Conference: मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों को यात्रियों से आसानी से संवाद करने योग्य बनाने के लिए परिवहन विभाग का व्यावहारिक मराठी भाषा का 'क्लास' जारी रहेगा। विभाग ने 105 दिनों के विशेष अभियान में राज्य के करीब 1 लाख 65 हजार 800 चालकों को प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण से वंचित चालकों के लिए मुंबई, ठाणे, भिवंडी, नालासोपारा, वसई-विरार और नवी मुंबई में कार्यशालाएं आगे भी आयोजित की जाएंगी।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मराठी नहीं आने पर चालकों को पहले एक महीने का नोटिस थमाया जाएगा। इसके बाद भी व्यावहारिक मराठी नहीं सीखने पर उनका बैज तीन माह के लिए निलंबित किया जाएगा।

मंत्रालय में आयोजित पत्रकार परिषद में प्रताप सरनाईक ने बताया कि कोकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी आरटीओ अधिकारियों को दी गई है और जल्द ही अलग संपर्क नंबर जारी किया जाएगा। 12 अगस्त 2026 के संशोधित मोटर परिवहन कानून के अनुसार चालक को व्यावहारिक मराठी नहीं आने पर पहले एक महीने की नोटिस दी जाएगी।

इसके बाद भी यदि चालक ने मराठी नहीं सीखी तो उसका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। सरनाईक ने चालकों से प्रशिक्षण का लाभ उठाकर व्यावहारिक मराठी सीखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग के निर्देशों का उल्लंघन कर कानून के दायरे से बाहर जाकर कार्रवाई करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

सरनाईक ने कहा कि सरकार रिक्शा टैक्सी संगठनों के पदाधिकारियों और नेताओं से लगातार संवाद कर रही है। उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा। किसी के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार 'हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान' को भी आगे जारी रखेगी।

मुंबई का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं यूपी-बिहार के नेता

महाराष्ट्र में व्यावहारिक मराठी भाषा सिखने वाले अभियान को लेकर जारी विवाद के बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया कि मुंबई और ठाणे में हिंदी-मराठी के नाम पर समाज में अनावश्यक विवाद पैदा कर शांतिपूर्ण माहौल चिगाड़ने का प्रयास कुछ नेता कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी उत्तर प्रदेश और बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। सरनाईक ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी ऑटो या टैक्सी चालक पर 500 रुपए का भी जुर्माना नहीं लगाया गया है। उन्होंने 20 हजार से 25 हजार रुपए तक जुर्माना लगाए जाने की खबरों को भी भ्रामक बताया।

अफवाहों पर न दें ध्यान

प्रताप सरनाईक ने कहा कि उनके अनुसार कुछ वीडियो में ऑटो-रिक्शा को ट्रेनों के जरिए उत्तर भारत ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। 'हम तो चले परदेस' जैसे गाने लगाए जा रहे है, जबकि संबंधित वाहन महाराष्ट्र में ही चल रहे हैं। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की।

सरनाईक के मुताबिक संजय निरूपम, समाजवादी पार्टी विधायक अबू आजमी और ऑटो-टैक्सी यूनियन नेता शशांक राव समेत कई लोगों ने इस मुद्दे पर उनसे संपर्क किया।

मुंबई में दूसरे दिन भी जारी रहा ऑटो वालों का हड़ताल

ऑटो रिक्शा चालकों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मुंबई शहर के कई इलाकों में बड़ी संख्या में ऑटो सड़कों से नदारद रहे। बांद्रा, कांदिवली, गोवंडी, वाकोला, कुर्ला, अंधेरी और सांताक्रूज समेत कई क्षेत्रों में हड़ताल का असर देखने को मिला,

इस कारण कार्यालय जाने वाले यात्रियों और अन्य नागरिकों को रेलवे स्टेशनों और कार्यस्थलों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह स्कूली छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बीच कई ऑटो-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाए कि आरटीओ अफसर उनसे व्यावहारिक मराठी भाषा में बातचीत करने के बजाय साहित्यिक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उनके समझ के परे हैं।

  • परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बाताया की रिक्शा-टेक्सी चालकों को यात्रियों से संवाद के लिए व्यावहारिक मराठी सीखना इस अभियान का उद्देश्य है। सरकार किसी का रोजगार छीनना नहीं चाहती, बल्कि चालकों को मराठी सीखने का अवसर देना चाहती है। इसलिए अफवाहों पर विश्वास न करें और प्रशिक्षण का लाभ उठाए।

  • ठाणे रिक्शाचालक दीपक गिरी ने बाताया की आरटीओ के अधिकारी चालकों से बातचीत में आम बोलचाल की भाषा के बजाय साहित्यिक मराठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कई चालकों के लिए सवाल समझना और जवाब देना मुश्किल हो रहा है।

  • मुंबई रिक्शाचालक ओमप्रकाश यादव ने बाताया की हम मराठी सीखने के खिलाफ नहीं है, लेकिन आरटीओ की प्रक्रिया में इस्तेमाल की जा रही कठिन और साहित्यिक भाषा के कारण चालक असमंजस में है। व्यावहारिक और सरल मराठी में परीक्षा ली जानी चाहिए

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