Mantralaya Bribery ACB Action प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI) 
मुंबई

Mantralaya: मंत्रालय में रिश्वतखोरी का एक और बड़ा धमाका, घूस लेते सेल अधिकारी विलास लाड गिरफ्तार

Mantralaya Bribery ACB Action: मंत्रालय के सेल अधिकारी विलास लाड 6.37 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार। खारघर में एसीबी ने बिछाया जाल, फंड पास करने का मामला।

अनिल सिंह

Vilas Lad Mantralaya Bribery: महाराष्ट्र के प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक और चौंकाने वाला उदाहरण सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वित्त एवं योजना विभाग के सेल अधिकारी विलास लाड को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को नवी मुंबई के खारघर इलाके में जाल बिछाकर तब पकड़ा गया, जब वह 6 लाख 37 हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत ले रहा था। मंत्रालय के किसी अधिकारी के खिलाफ इतने बड़े अमाउंट की घूसखोरी का यह हाल के दिनों में दूसरा बड़ा मामला है।

जानकारी के अनुसार, विलास लाड ने ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development Department) के लिए फंड यानी धनराशि स्वीकृत करने के बदले में इस मोटी रकम की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी तुरंत एसीबी को दी, जिसके बाद विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। खारघर में जैसे ही पैसों का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने लाड को रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई ने मंत्रालय के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि पिछले महीने भी एक मंत्री के निजी सहायक को रिश्वत लेते पकड़ा गया था।

अप्रैल के पहले हफ्ते में बड़ा प्रहार

आमतौर पर माना जाता है कि मार्च के अंत में टारगेट पूरे करने के चक्कर में ऐसी कार्रवाइयां बढ़ जाती हैं, लेकिन अप्रैल के पहले ही हफ्ते में हुई इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि एसीबी अब मंत्रालय में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों पर सीधा निशाना साध रही है। मंत्रालय अधिकारी विलास लाड द्वारा मांगी गई रिश्वत की राशि एक आम आदमी के साल भर के वेतन से भी कहीं ज्यादा है। यह मामला सरकारी कार्यालयों में आम आदमी के शोषण और फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए लगने वाली 'कीमत' के काले सच को एक बार फिर उजागर करता है।

प्रशासनिक हलकों में मची खलबली

मंत्रालय के वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण अनुभाग में कार्यरत अधिकारी की गिरफ्तारी से हड़कंप मचना लाजमी है। ग्रामीण विकास विभाग की फाइलों को मंजूरी दिलाने के नाम पर चल रहा यह खेल लंबे समय से जारी होने का संदेह है। एसीबी अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या विलास लाड के साथ इस भ्रष्टाचार में कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल थे। आरोपी के घर और दफ्तर के दस्तावेजों की भी तलाशी ली जा रही है ताकि उसकी बेनामी संपत्तियों का पता लगाया जा सके।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की चुनौती

एक के बाद एक सामने आ रहे इन मामलों ने राज्य सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं। मंत्रालय में 'काम के बदले दाम' वसूलने की प्रवृत्ति ने ईमानदार अधिकारियों और जनता के बीच अविश्वास पैदा कर दिया है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी टीम मंत्रालय के भीतर होने वाले हर संदिग्ध लेन-देन पर नजर रख रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले पैसे मांगता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

INDIA ब्लॉक जारी रखेगा विरोध, गठबंधन की टी-पार्टी के बाद सुप्रिया सुले बोलीं- हम एक साथ हैं

INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन सफल रहा, टी पार्टी के बाद प्रेसवार्ता में बोले मल्लिकार्जुन खरगे

चुनाव आयोग पर हमले को लेकर BJP का पलटवार, पीयूष गोयल ने राहुल गांधी से पूछे 10 तीखे सवाल

'नाना' ने ऐसे तय किया जनसंघ से राजभवन तक का सफर, जानिए क्यों PM मोदी हो गए थे इनकी इस स्टाइल के मुरीद

राहुल गांधी के घर विपक्षी नेताओं की टी पार्टी, चाय पर चर्चा के बाद गठबंधन करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस