महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य।
स्विफ्टचैट ऐप के स्मार्ट अटेंडेंस बॉट से रोज दर्ज होगी उपस्थिति।
प्रिंसिपल को हाजिरी, छुट्टी और ट्रेनिंग का रिकॉर्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी।
Maharashtra School Education Department: महाराष्ट्र के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया अब डिजिटल होगी। राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए रोजाना ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अब स्विफ्टचैट ऐप में उपलब्ध स्मार्ट अटेंडेंस बॉट के माध्यम से अपनी उपस्थिति का रिकॉर्ड दर्ज कर सकेंगे। शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने 4 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में परिपत्र जारी किया था। इसके मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र के तहत रियल टाइम सूचना बोर्ड के माध्यम से शिक्षकों की हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस प्रक्रिया को लागू करने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रिंसिपल को सौंपी गई है।
महाराष्ट्र राज्य के स्कूलों में नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले प्रिंसिपल को अपने मोबाइल में स्विफ्टचैट ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। स्कूल की पहचान के लिए 11 अंकों के यूनिक कोड और शिक्षक की जानकारी की पुष्टि के लिए शालार्थ आईडी या राष्ट्रीय शिक्षक कोड का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के जरिए स्कूल में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक की उपस्थिति और अनुपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। विभाग की ओर से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, हाजिरी से जुड़ी जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी होगा।
स्मार्ट अटेंडेंस बॉट के माध्यम से केवल रोजाना की उपस्थिति ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की छुट्टी और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जा सकेगी। इसमें आधे दिन की छुट्टी, पूरे दिन की छुट्टी तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम या कार्यशाला में भाग लेने का विवरण शामिल होगा।
जानकारी भरने के बाद उसे सबमिट करना अनिवार्य होगा। सबमिट करने के बाद ही हाजिरी का रिकॉर्ड सेव होगा। इसलिए स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जरूरी जानकारियां सही तरीके से दर्ज की जाएं और प्रक्रिया पूरी की जाए।
शिक्षा विभाग का मानना है कि ऑनलाइन हाजिरी की इस व्यवस्था से शिक्षकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड व्यवस्थित और पारदर्शी रहेगा। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उपस्थिति की निगरानी करना आसान होगा। साथ ही, छुट्टी और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी भी एक ही व्यवस्था में दर्ज की जा सकेगी।