Maharajasv Samadhan Shivir: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र में देश की सर्वश्रेष्ठ भूमि अभिलेख प्रणाली विकसित करना है। मंत्रालय में शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान (चरण-1)’ के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य की भूमि अभिलेख व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, गतिशील और जनोन्मुख बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य के आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं और छात्रों की राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला और तहसील स्तर पर प्रभावी ढंग से शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मंत्री बावनकुले ने निर्देश दिए कि नागरिकों, किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों के राजस्व विभाग से जुड़े मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव विकास खारगे उपस्थित रहे, जबकि जमाबंदी आयुक्त और भूमि अभिलेख संचालक सहित अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
मंत्री बावनकुले ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से फेरफार (बदलाव) प्रकरण, भूमि अभिलेख सुधार, आय, जाति, अधिवास, नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र, अकृषक अनुमति और ग्राम दप्तर अद्यतनीकरण जैसी सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो वर्षों में विभाग के लंबित कार्यों का निपटारा, कार्यालयों का आधुनिकीकरण और ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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अभियान के पहले चरण के तहत 7 व 14 मार्च, 10 व 17 अप्रैल तथा 8 व 15 मई को विभिन्न स्तरों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री बावनकुले ने कहा कि इस अभियान की सफलता से महाराष्ट्र राजस्व सेवाओं के क्षेत्र में देश का आदर्श राज्य बनेगा।