सातारा की डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रेजिटेंड डॉक्टर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

संपदा मुंडे को न्याय दिलाने के लिए रेजिडेंट डॉक्टरों शुरू की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

Satara Doctor Case: डॉ. संपदा मुंडे को न्याय की मांग पर महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्यव्यापी हड़ताल शुरू की। ओपीडी सेवाएं बंद है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

आकाश मसने

Maharashtra Resident Doctors Strike: सातारा जिले के फलटण उप जिला अस्पताल की खुदकुशी करने वाली महिला डॉक्टर संपदा मुंडे को न्याय दिलाने के लिए रेजिटेंड डॉक्टरों ने सोमवार से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। डॉक्टरों का काम बंद आंदोलन और आगे बढ़ता है तो स्थिति विकट हो सकती है।

रेजिडेंट डॉक्टरों की यूनियन मार्ड ने फलटण की दिवंगत डॉ. संपदा को न्याय दिलाने और डॉक्टरों की सुरक्षा व सम्मान को लेकर हड़ताल शुरू की है। मार्ड ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों के न्याय, सुरक्षा और सम्मान के लिए यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले लेती। मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन आकस्मिक और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

गैर आपातकालीन सेवाएं बाधित

हड़ताल के पहले दिन मेडिकल सेवाएं हद से ज्यादा प्रभावित नहीं हुईं लेकिन हड़ताल आगे बढ़ती है तो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से लड़खड़ा सकती हैं। आंदोलन के पहले दिन ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। हड़ताल के कारण राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में गैर आपातकालीन सेवाएं बाधित हुई। डॉक्टरों ने विरोध के तौर पर काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया।

निष्पक्ष जांच की मांग अधूरी

हड़ताली डॉक्टरों ने बताया कि संपदा की आत्महत्या की निष्पक्ष जांच की मांग अधूरी है। मृतका ने आरोप लगाया था कि एक पुलिस अधिकारी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। डॉक्टर सुरक्षा की मांग पर एकजुट हैं।

सरकार की सारी जिम्मेदारी

मार्ड के नागपुर यूनिट अध्यक्ष डॉ. धीरज सालुके ने बताया कि हम मरीजों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन न्याय और सुरक्षा के लिए आवाज उठाना भी हमारी जिम्मेदारी है। ओपीडी सेवाएं बंद रखकर हम अपनी जायज मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

सातारा के फलटण की थी आत्महत्या

महिला डॉक्टर संपदा मुंडे 23 अक्टूबर को सातारा के फलटण शहर के एक होटल के कमरे में फंदे से लटकी मिली थीं। आत्महत्या करने वाली महिला चिकित्सक ने अपनी हथेली पर लिखे ‘सुसाइड नोट’ के जरिए आरोप लगाया था कि पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदाने ने कई बार दुष्कर्म किया जबकि सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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