Rohit Pawar Claim BJP Strategy: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से जारी उठापटक रुकने का नाम नहीं ले रही है। शिवसेना और एनसीपी में हुई बड़ी टूट के बाद अब शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने एक सनसनीखेज दावा कर राज्य की सियासत में नया 'भूकंप' आने के संकेत दिए हैं। रोहित पवार का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब अपने ही सत्ताधारी सहयोगी दलों को निशाना बनाने और उन्हें तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर किए गए एक विस्फोटक पोस्ट में रोहित पवार ने सत्तारूढ़ गठबंधन (महायुति) के भीतर बढ़ते अविश्वास की ओर इशारा किया है।
रोहित पवार ने दावा किया है कि अगले महीने के अंत तक भाजपा अपने ही गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने लिखा, "भले ही आज भाजपा अपने सहयोगियों के प्रति 'ऐ दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे' का दिखावा कर रही हो, लेकिन हकीकत में वह अपने दोस्तों को ही निशाना बनाने वाली है। जल्द ही सहयोगियों का रुख भाजपा के प्रति 'जा बेवफा जा...' जैसा हो जाएगा।" उन्होंने सहयोगी दलों को चेतावनी दी कि वे सतर्क रहें, वरना वे भाजपा के राजनीतिक जाल में फंस सकते हैं।
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रोहित पवार ने हाल के चर्चित अशोक खरात (भोंदू बाबा) मामले का जिक्र करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि यह मामला यूँ ही सामने नहीं आया, बल्कि यह सहयोगियों की छवि खराब करने और उन्हें कमजोर करने के लिए भाजपा द्वारा रची गई एक सुनियोजित योजना का हिस्सा था। उन्होंने संकेत दिया कि यह तो बस शुरुआत है और आने वाले दिनों में ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं जो सरकार के भीतर मौजूद पार्टियों के बीच दरार पैदा करेंगे।
2019 के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में पहले शिवसेना और फिर एनसीपी के दो फाड़ होने के बाद से राजनीतिक स्थिरता एक चुनौती बनी हुई है। रोहित पवार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्थानीय निकाय चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे पर खींचतान की खबरें आ रही हैं। यदि रोहित पवार का दावा सच साबित होता है, तो महाराष्ट्र को एक बार फिर बड़े पैमाने पर दलबदल और राजनीतिक पुनर्गठन का सामना करना पड़ सकता है।